Google Maps Feature: पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है. रोजाना ऑफिस जाने वाले, लंबी दूरी तय करने वाले और अपनी गाड़ी का नियमित इस्तेमाल करने वाले लोग अब फ्यूल बचाने के नए तरीके तलाश रहे हैं. ऐसे में गूगल मैप्स का एक खास फीचर आपकी काफी मदद कर सकता है. यह फीचर बिना ड्राइविंग स्टाइल बदले फ्यूल की खपत कम करने में मदद करता है. अच्छी बात यह है कि इसके लिए किसी अलग ऐप या अतिरिक्त खर्च की जरूरत नहीं होती. अगर आप रोजाना गूगल मैप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो यह फीचर हर महीने कुछ पैसे बचाने में मदद कर सकता है.
गूगल मैप्स में मौजूद “Fuel-Efficient Routes” फीचर ऐसे रास्तों का सुझाव देता है जहां गाड़ी कम फ्यूल खर्च करती है. आमतौर पर लोग सबसे तेज पहुंचने वाले रास्ते का चुनाव करते हैं, लेकिन हर बार सबसे तेज रास्ता सबसे किफायती नहीं होता. गूगल मैप्स ट्रैफिक, सड़क की स्थिति, चढ़ाई, बार-बार रुकने की जरूरत और औसत स्पीड जैसी कई चीजों का विश्लेषण करता है. इसके बाद वह ऐसा रूट सुझाता है जिससे फ्यूल की खपत कम हो सके. कई बार यह रास्ता कुछ मिनट लंबा हो सकता है, लेकिन इससे पेट्रोल या डीजल की बचत हो सकती है.
गूगल के अनुसार फ्यूल बचत इस बात पर भी निर्भर करती है कि आपकी गाड़ी किस प्रकार की है. डीजल वाहन आमतौर पर हाईवे पर बेहतर माइलेज देते हैं, जबकि हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहन शहर की ट्रैफिक में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं. यही वजह है कि गूगल मैप्स आपको अपनी गाड़ी का इंजन टाइप चुनने का विकल्प देता है. आप पेट्रोल, डीजल, हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक वाहन का विकल्प चुन सकते हैं. इससे ऐप अधिक सटीक तरीके से फ्यूल बचाने वाला रास्ता सुझाने की कोशिश करता है और बेहतर नेविगेशन अनुभव देता है.
इस फीचर को चालू करने में एक मिनट से भी कम समय लगता है. सबसे पहले Google Maps ऐप खोलें. इसके बाद अपनी प्रोफाइल फोटो पर टैप करें और Settings में जाएं. फिर Navigation विकल्प चुनें और नीचे स्क्रॉल करके Route Options तक पहुंचें. यहां आपको “Prefer Fuel-Efficient Routes” का विकल्प दिखाई देगा. इसे ऑन कर दें. इसके बाद आप अपनी गाड़ी का इंजन टाइप भी चुन सकते हैं. जब यह फीचर चालू हो जाता है, तब गूगल मैप्स हरे पत्ते के आइकन के साथ ऐसा रूट दिखाता है जो कम फ्यूल खर्च कर सकता है.
इस फीचर से होने वाली बचत आपके सफर और ड्राइविंग पैटर्न पर निर्भर करती है. अगर आप रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं या भारी ट्रैफिक वाले इलाकों में सफर करते हैं, तो यह फीचर ज्यादा उपयोगी साबित हो सकता है. इसका मकसद ऐसे रास्तों से बचाना है जहां बार-बार ब्रेक लगाना पड़े या ज्यादा समय ट्रैफिक में फंसना पड़े. हालांकि यह कोई जादुई उपाय नहीं है, लेकिन छोटी-छोटी बचत समय के साथ बड़ा फर्क ला सकती है. बढ़ते फ्यूल खर्च के बीच यह एक आसान और इस्तेमाल विकल्प माना जा सकता है, जिसे हर ड्राइवर को एक बार जरूर आजमाना चाहिए.
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