
Satyam Kumar
सत्यम, बिहार से हैं. उन्होंने LS College, मुजफ्फरपुर, बिहार से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया से MA In Media Governance में मास्टर्स किया है. मास्टर्स के साथ ... और पढ़ें
Gurugram woman grocery price comparison: जब हम एक से दूसरे शहर शिफ्ट होते हैं या किसी बड़े शहर के एक इलाके से दूसरे जगह जाकर बसते हैं, तो शुरुआत में हमारे लिए वो जगह नया-नया होता है, हम ज्यादा आसपास जाने से बचते हैं, इसलिए शहरों में डिलीवरी ऐप आम जिंदगी का हिस्सा बन हो चुका है. वहीं, ये डिलीवरी ऐप, जगह बदलने के बाद भी आपको उस इलाके में सेम सर्विस प्रोवाइड करता है. यही सेम सिचुएशन के गुरुग्राम में बसी नई महिला इंफ्लुएंसर फेस कर रही थी, लेकिन नए जगह पर उन्होंने गुरुग्राम के सब्जी वेंडर से जाकर और ब्लिंकिंट-इंस्टामार्ट डिलीवरी ऐप से सब्जी-फल मंगाया. महिला इंफ्लुएंसर ने ऐसा तीनों के प्राइस कंपैरिजन करने के
वीडियो गुड़गांव में अपनी नई लाइफ सेटल कर रही एक महिला का है. इस वीडियो में उन्होंने तीन जगह से सब्जी खरीदा, ब्लिंकिट, इंस्टामार्ट और घर के सामने नजर आने वाले सब्जी वाले से. पपीता-नारंगी सेब संतरे सहित कई सामान मंगाने के लिए महिला ने इंस्टामार्ट को 333 रुपये पड़ता, वहीं,इन्ही सामान के लिए उन्हें ब्लिंकिट को 365 रुपये देना पड़ा. वहीं सेम आर्डर उन्हें लोकल वेंडर से महज 280 रुपये में मिल गए. सामान खरीदने के बाद महिला ने तीनों का प्राइस कंपैरिजन करते हुए बताया कि आज भी लोकल सब्जी वाले, ब्लिंकिट और इंस्टामार्ट से काफी सस्ते हैं. इस वीडियो पर इंटरनेट यूजर्स की राय भी बंटी नजर आई.
सोशल मीडिया के कमेंट सेक्शन में लोग इस मुद्दे पर बंटे हुए हैं; कुछ का मानना है कि समय ही पैसा है इसलिए वे 10 मिनट की डिलीवरी को चुनते हैं. वहीं, दूसरी तरफ लोग कहते हैं कि घर के पास खड़े वेंडर से सब्जी लेना न केवल सस्ता है बल्कि यह लोकल वेंडर्स को सपोर्ट करने का एक जरिया भी है. वायरल वीडियो की क्रिएटर ने भी यही साबित किया कि गुड़गांव जैसे महंगे शहर में भी लोकल वेंडर्स ही बजट फ्रेंडली हैं.
ब्लिंकिट और इंस्टामार्ट जैसे ऐप्स आपकी लाइफ आसान तो बनाते हैं, लेकिन डिलीवरी चार्ज, हैंडलिंग फीस के चलते सब्जियों के दाम थोड़े महंगे हो जाते हैं. हालांकि, ये ऐप्स तब तो वरदान हैं जब आपको रात के 11 बजे कुछ चाहिए या आप घर से बाहर नहीं निकल सकते, लेकिन अगर आप रोजाना की ताजी सब्जियों की बात करें, तो इन ऐप्स की प्रीमियम सर्विस के लिए आपको प्रीमियम दाम भी चुकाने पड़ेंगे.
सब्जी वाले भैया से बारगेनिंग करना बोरिंग नहीं, बल्कि एक स्मार्ट शॉपिंग स्किल है जिसे आज लोग भूलते जा रहे हैं. लोकल वेंडर्स के पास न केवल दाम कम होते हैं, बल्कि आप खुद हाथ से छूकर सब्जियों की क्वालिटी परख सकते हैं. और हां, वो आखिर में मिलने वाला फ्री धनिया और मिर्च वाली खुशी किसी भी कैशबैक या डिस्काउंट कूपन से कहीं ज्यादा बड़ी होती है.
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