Zomato-Swiggy डिलीवरी पार्टनर को 500 के ऑर्डर पर कितना पैसा देती हैं? यहां जानिए जवाब

Zomato-Swiggy जैसे ऐप्स मुख्य रूप से रेस्टोरेंट को कस्टमर दिलाने के बदले में मिले कमीशन और अपने यूजर्स से प्लेटफॉर्म फीस चार्ज करके पैसा कमाते हैं. वहीं, ये कंपनियां एक डिलीवरी पार्टनर यानि राइडर को आपके 500 रुपये के ऑर्डर पर वैल्यू के हिसाब से नहीं, बल्कि दूरी के हिसाब से पैसे पे करती है.

Published date india.com Published: March 21, 2026 5:51 PM IST
Zomato swiggy pay comparison

अगर आप भी रात को भूख लगने पर Zomato या Swiggy से 500 रुपये का पिज्जा या बिरयानी ऑर्डर करते हैं, तो क्या आपने कभी सोचा है कि उस 500 रुपये में से आपके घर तक खाना पहुंचाने वाले डिलीवरी पार्टनर को कितना मिलता है? रेस्टोरेंट को कस्टमर दिलाने के बदले में कितना चार्ज करती हैं, साथ ही ये कंपनियां करोड़ों का बिजनेस कैसे चला रही हैं?

Zomato-Swiggy आखिर कैसे ऐप हैं?

ये कंपनियां खुद खाना नहीं बनातीं, बल्कि ये एक मार्केटप्लेस या प्लेटफॉर्म हैं. इनका काम यूजर को उसके शहर के होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट से जोड़ना है. ये टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स (डिलीवरी) की सुविधा देती हैं ताकि आपको घर बैठे गरमा-गरम खाना मिल सके.

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क्या है प्लेटफॉर्म फीस का कॉन्सेप्ट?

आपने गौर किया होगा कि बिल में खाने के दाम के अलावा एक Platform Fee भी जुड़ती है. Zomato अब जीएसटी टैक्स से पहले लगभग 14.90 रुपये और Swiggy टैक्स सहित करीब 14.99 रुपये प्रति ऑर्डर वसूल रही है. यह फीस सीधे कंपनी की जेब में जाती है ताकि वे ऐप को चलाने और अपनी टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाने का खर्च निकाल सकें.

रेस्टोरेंट से कितना चार्ज करती हैं कंपनियां?

होटल वालों के लिए ये ऐप्स मुफ्त नहीं हैं. कंपनियां हर ऑर्डर पर रेस्टोरेंट से तकरीबन 15% से 25% तक का भारी कमीशन लेती हैं. यानी अगर आपने 500 रुपये का ऑर्डर दिया, तो रेस्टोरेंट के हाथ में पहुंचने से पहले ही कंपनी लगभग 75 से 125 रुपये कमीशन के तौर पर काट लेती है.

डिलीवरी पार्टनर को कितना मिलता है मेहनताना?

अब आते हैं असली सवाल पर, एक डिलीवरी पार्टनर की कमाई ऑर्डर की वैल्यू (जैसे 500 रुपये) पर नहीं, बल्कि दूरी और काम पर निर्भर करती है. आमतौर पर एक ऑर्डर पहुंचाने के उन्हें 20 से 50 रुपये मिलते हैं. अगर दूरी ज्यादा है या कोई टार्गेट इंसेंटिव (Incentive) जुड़ जाए, तो यह कमाई 40 से 70 रुपये तक पहुंच जाती है, यानी आपके 500 के ऑर्डर पर राइडर को लगभग 10% आसपास तक मिल पाता है.

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कैसे काम करता है ये बिजनेस प्लान?

इन कंपनियों की कमाई के तीन बड़े रास्ते हैं,

  • पहला कस्टमर से: प्लेटफॉर्म फीस और डिलीवरी चार्ज के जरिए.
  • दूसरा रेस्टोरेंट से: हर ऑर्डर पर मिलने वाले 15-25% कमीशन के जरिए.
  • एड से: रेस्टोरेंट्स को ऐप पर ऊपर दिखाने के लिए लिए जाने वाले एडवर्टाइजमेंट खर्च से भी ये कंपनियां पैसा कमाती है.

बता दें कि इसी पैसे का एक बड़ा हिस्सा राइडर्स को दिया जाता है और बाकी मार्केटिंग, ऐप डेवलपमेंट और कंपनी के मुनाफे में जाता है. नोट- बता दें कि पे आइट रेसियो अलग-अलग हो सकते हैं.

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