
Rishabh Kumar
ऋषभ कुमार पाण्डेय डिजिटल मीडिया और न्यूज इंडस्ट्री में एक साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं. वे मई 2024 से Zee Media समूह के साथ जुड़े हैं. यहां ... और पढ़ें
IMF Warning AI Threat: दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर चर्चा तेजी से बढ़ रही है. जहां एक तरफ AI को नई टेक्नोलॉजी का भविष्य माना जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसके खतरों को लेकर भी चिंता बढ़ने लगी है. हाल ही में इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड यानी IMF ने चेतावनी दी है कि एडवांस AI मॉडल ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं. IMF ने खासतौर पर Anthropic कंपनी के नए AI मॉडल Claude Mythos का जिक्र किया है. रिपोर्ट के मुताबिक अगर ऐसे AI सिस्टम गलत लोगों के हाथ लग गए, तो बैंकिंग और पेमेंट सिस्टम पर बड़े साइबर हमले हो सकते हैं.
Anthropic ने 7 अप्रैल 2026 को Claude Mythos नाम का नया AI मॉडल पेश किया था. कंपनी का दावा है कि यह साइबर सिक्योरिटी के मामले में इंसानों से कई गुना ज्यादा तेज काम कर सकता है. यही वजह है कि इसे आम लोगों के लिए लॉन्च नहीं किया गया. कंपनी का कहना है कि यह AI इंटरनेट और डिजिटल सिस्टम की कमजोरियों को बहुत तेजी से पकड़ सकता है. दावा किया गया है कि Claude Mythos हजारों ऐसी खामियां ढूंढ सकता है जिन्हें साइबर एक्सपर्ट भी आसानी से नहीं पकड़ पाते. इसी डर की वजह से इसे फिलहाल सिर्फ चुनिंदा कंपनियों तक सीमित रखा गया है.
IMF का कहना है कि एडवांस AI की मदद से साइबर हमले पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो सकते हैं. पहले किसी सिस्टम को हैक करने में काफी समय लगता था, लेकिन अब AI कुछ ही मिनटों में कमजोरियां ढूंढ सकता है. अगर किसी बैंक या पेमेंट नेटवर्क में कोई कमी मिलती है, तो साइबर अपराधी एक साथ कई संस्थानों पर हमला कर सकते हैं. IMF ने इसे “Correlated Failures” का खतरा बताया है. यानी अगर कई संस्थाएं एक जैसी टेक्नोलॉजी इस्तेमाल कर रही हैं, तो उन सभी पर एक साथ असर पड़ सकता है.
रिपोर्ट के मुताबिक AI मशीन की स्पीड से काम करता है, इसलिए साइबर हमले भी बेहद तेजी से हो सकते हैं. सबसे बड़ी चिंता यह है कि सिस्टम को ठीक करने से पहले ही हैकर्स उसका फायदा उठा सकते हैं. IMF ने कहा है कि आने वाले समय में मौजूदा साइबर सिक्योरिटी सिस्टम ऐसे AI मॉडल्स के सामने कमजोर पड़ सकते हैं. इसका असर सिर्फ बैंकिंग तक सीमित नहीं रहेगा. बिजली, टेलीकॉम, सरकारी सेवाएं और दूसरे जरूरी सिस्टम भी खतरे में आ सकते हैं. यही वजह है कि कई देश अब AI सुरक्षा को लेकर नई तैयारी कर रहे हैं.
Claude Mythos को लेकर अमेरिका समेत कई देशों की सरकारें सतर्क हो गई हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका AI मॉडल्स की निगरानी के लिए नई कमेटी बनाने पर विचार कर रहा है. वहीं भारत, यूरोप और कनाडा जैसे देश भी इस टेक्नोलॉजी तक पहुंच चाहते हैं ताकि अपने साइबर डिफेंस को मजबूत कर सकें. फिलहाल यह AI मॉडल सिर्फ कुछ बड़ी कंपनियों तक सीमित है. IMF ने कहा है कि AI से जुड़े साइबर खतरों से बचने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना होगा. साथ ही जानकारी शेयर करनी होगी और AI का इस्तेमाल सुरक्षा मजबूत करने के लिए करना होगा.
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