नई दिल्ली. 4जी फोन लेकर नेटवर्क की समस्या और इंटरनेट की स्पीड न मिलने पर झुंझलाते हुए लोग आपको अक्सर दिख जाते होंगे. खासकर अगर कोई ई-मेल या वीडियो मैसेज डाउनलोड न हो रहा हो तो यह बेचैनी और बढ़ जाती है. दरअसल, ऐसी स्थितियों का कारण हमारी इंटरनेट स्पीड है, जो कि अभी दुनिया के 108 देशों की तुलना में भी बहुत कम है. कहने का मतलब यह कि भारत इंटरनेट से डाटा डाउनलोड की स्पीड में अभी दुनिया में 109वें स्थान पर है. यह हम नहीं कह रहे, बल्कि मोबाइल इंटरनेट स्पीड टेस्ट करने वाली कंपनी ऊक्ला की रिपोर्ट कह रही है. जी हां, विश्व में मोबाइल डाटा उपभोक्ताओं की संख्या के मामले में सबसे बड़ा देश होने के बावजूद भारत को इंटरनेट डाउनलोड स्पीड के मामले में 109वां स्थान मिला है. Also Read - IND vs AUS 2nd ODI Live Streaming: कब-कहां और कैसे देखें भारत vs ऑस्ट्रेलिया दूसरे वनडे की Online स्ट्रीमिंग और Live Telecast

इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) की रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2017 तक भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या 48.1 करोड़ थी. इस साल की छमाही तक देश में इंटरनेट यूजर्स की संख्या के 50 करोड़ पार कर जाने की उम्मीद है. खुद नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने पिछले साल दिसंबर में दावा किया था कि देश 150 करोड़ गीगाबाइट खपत के साथ विश्व का सबसे बड़ा डाटा उपभोक्ता है. उन्होंने कहा था कि यह अमेरिका और चीन की संयुक्त खपत से अधिक है. फिर भी यदि इंटरनेट की स्पीड के मामले में हम दुनिया के 108 देशों से पीछे हैं, तो यह बड़ी चिंता की बात है. Also Read - भारत की मेजबानी में 30 नवंबर को एससीओ नेताओं की बैठक में भाग लेंगे चीन के प्रधानमंत्री

स्पीड तो बढ़ी, लेकिन रैंकिंग बरकरार
ऊक्ला के स्पीडटेस्ट सूचकांक के अनुसार, देश में मोबाइल इंटरनेट की औसत डाउनलोड स्पीड पिछले साल नवंबर के 8.80 एमबीपीएस (मेगाबाइट प्रति सेकेंड) से बढ़कर इस साल फरवरी में 9.01 एमबीपीएस पर पहुंच गई. हालांकि, इसके बाद भी देश की रैंकिंग में बदलाव नहीं हुआ. भारत आज भी 109वें स्थान पर ही बरकरार है. वहीं, नार्वे जैसा देश भी 62.07 एमबीपीएस की औसत स्पीड के साथ हमसे कहीं ऊपर, पहले स्थान पर कब्जा किए है. Also Read - Aus vs Ind, 1st ODI: नंगे पैर मैदान पर घेरा बनाकर नस्लवाद के खिलाफ विरोध दर्ज कराएगी ऑस्ट्रेलियाई टीम

ब्रॉडबैंड के मामले में रैंकिंग में हुआ सुधार
ऊक्ला की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रॉडबैंड के मामले में भारत की रैंकिंग में थोड़ा सुधार देखा गया है. पिछले साल इस मामले में हम जहां 76वें स्थान पर थे, वहीं इस साल फरवरी में 67वें स्थान पर आ गए हैं. स्पीड टेस्ट इंडेक्स में बताया गया कि ब्रॉडबैंड स्पीड पिछले साल नवंबर में 18.82 एमबीपीएस थी, जो इस साल फरवरी में बढ़कर 20.72 एमबीपीएस पर पहुंच गई है. इस मामले में 161.53 एमबीपीएस स्पीड के साथ सिंगापुर पहले स्थान पर है. हालांकि ऊक्ला ने हमें ब्रॉडबैंड के मामले में एक और अच्छी खबर ये दी है कि अधिक आबादी वाले देशों में ब्रॉडबैंड स्पीड में भारत में सर्वाधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

(इनपुट भाषा)