कोलकाता: भारतीय भाषा प्रेमियों के लिए खुशखबरी है जो इंटरनेट डोमेन नाम अब तक आपको अंग्रेजी में ही उपलब्ध थे वो जल्द ही आप को अपनी क्षेत्रीय भाषा में भी मिल सकेंगे यानि अब इंटरनेट डोमेन क्षेत्रीय भाषाओँ में भी बनाए जा सकेंगे. जिससे अंग्रेजी भाषा का ज्ञान नहीं रखने वाले लोग भी अपनी भाषाओं में डोमेन नाम के साथ ऑनलाइन जाकर वेबसाइट देख सकेंगे.

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गौरतलब है कि भारत में 500 मिलियन से अधिक इन्टरनेट यूज़र  होने के बावजूद अभी तक इंटरनेट डोमेन अंग्रेजी में ही उपलब्ध थे. गैर लाभकारी निगम इंटरनेट कॉरपोरेशन फॉर असाइन्ड नेम्स एंड नंबर्स (आईसीएएनएन) दुनिया भर में इंटरनेट के डोमेन नाम प्रणाली (डीएनएस) का कामकाज देखता है. अब यह निगम देश की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं सहित भारत में बोली जाने वाली कई भाषाओं में डोमेन नाम तैयार करने के काम में जुटा है.

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अंग्रेजी का ज्ञान न रखने वाले भी वेबसाइट सर्च कर सकेंगे
आईसीएएनएन के भारत प्रमुख समीरन गुप्ता के मुताबिक ‘‘भारत की नौ लिपियों बंगाली, देवनागरी, गुजराती, गुरमुखी, कन्नड़, मलयालम, उड़िया, तमिल और तेलगू पर काम जारी है. उम्मीद है कि कई स्थानीय भाषाओं का काम भी इन लिपियों के जरिए हो जाएगा.’’ आईसीएएनएन वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल होने वाली लिपियों के वास्ते उच्चस्तरीय डोमेनों के लिए सुरक्षित और स्थिर दिशा में काम कर रही है ताकि अंग्रेजी का ज्ञान नहीं रखने वाले लोग भी अपनी भाषाओं में डोमेन नाम के साथ ऑनलाइन जाकर वेबसाइट देख सकें.

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कम होंगी डिजिटल दूरियां
एक उदाहरण के तौर पर अब तक लोग इस उद्देश्य के लिए अंग्रेजी में डोमेन नाम टाइप करते थे लेकिन इसके बजाय अब एक व्यक्ति हिन्दी में सामग्री प्राप्त करने के लिए हिन्दी में डोमेन डाल सकता है. उन्होंने कहा कि दुनिया की करीब 52 प्रतिशत आबादी इस समय इंटरनेट का इस्तेमाल करती है और आईसीएएनएन डिजिटल दूरियों की खाई को पाटने की दिशा में काम कर रहा है.( इनपुट एजेंसी )