नई दिल्ली:  आयरलैंड की डेटा प्रोटेक्शन संस्था ने फेसबुक की जांच शुरू कर दी है. सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी ने स्वीकार किया है कि एक ‘बग’ या तकनीकी खामी के कारण उसके 68 लाख उपयोगकर्ताओं के अकाउंट प्रभावित हुए, जिसके बाद शुक्रवार को यह जांच शुरू की गई. आइरिश डेटा प्रोटेक्शन कमीशन (डीपीसी) की जांच नए सख्त यूरोपीय निजता कानूनों के तहत होगी. ऐसी ही जांच अक्टूबर में भी की गई थी जब फेसबुक ने पांच करोड़ यूजर्स के अकाउंट की सुरक्षा में सेंध लगने की बात स्वीकार की थी. Also Read - रैपर बादशाह ने फर्जी सोशल मीडिया लाइक्स और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए 75 लाख रुपए दिए थे

संचार प्रमुख ग्राहम डॉयले ने कहा, ‘आइरिश डीपीसी को 25 मई 2018 को जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन के आने के बाद से फेसबुक से सुरक्षा में सेंध लगने के कई नोटिफिकेशन मिले हैं.’ डीपीसी के पास फेसबुक की जांच करने का प्राथमिक यूरोपीय अधिकार प्राप्त है क्योंकि कैलिफोर्निया स्थित सोशल नेटवर्किंग कंपनी का अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय डबलिन में है. जीडीपीआर कानून नियामकों को निजी डेटा की सुरक्षा करने में नाकाम रही कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की शक्ति देता है. इसका मतलब है कि दोषी पाए जाने पर फेसबुक पर 1.6 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया जा सकता है. Also Read - पीएम मोदी के Twitter पर हुए 60 मिलियन फॉलोवर, जानिए डोनाल्ड ट्रंप से हैं कितना पीछे

गौरतलब है कि फेसबुक ने शुक्रवार को उस बग के लिये माफी मांगी जिससे उपयोगकर्ताओं की ऐसी तस्वीरें भी सामने आ सकती थीं जिन्हें उन्होंने कभी साझा नहीं किया. इस बग से थर्ड पार्टी एप्लीकेशन्स के जरिए 12 दिन के भीतर 68 लाख लोगों के अकाउंट प्रभावित हुए हैं. फेसबुक का कहना है कि थर्ड पार्टी एप को उपयोगकर्ताओं के फोटो तक पहुंचने की अनुमति देने के दौरान यह चूक 13 सितंबर से 25 सितंबर के बीच हुई होगी. Also Read - हाईकोर्ट ने सैन्य अधिकारी से कहा- यदि फेसबुक इतना प्रिय है तो दे दीजिए इस्तीफा, मामला देश की सुरक्षा का है

फेसबुक का कहना है कि थर्ड पार्टी एप को उपभोक्ताओं के फोटो तक पहुंचने की अनुमति देने के दौरान यह चूक 13 सितंबर से 25 सितंबर के बीच हुई होगी. अभियांत्रिकी निदेशक टॉमर बार ने एक संदेश में डेवेलपर्स से कहा, जब कोई व्यक्ति फेसबुक पर अपने फोटो तक पहुंच के लिये किसी एप को अनुमति देता है तो हम अक्सर ऐसे एप्स को लोगों द्वारा उनकी टाइमलाइन पर साझा किए गए फोटो तक पहुंचने की अनुमति दे देते हैं. उन्होंने कहा, इस केस में बग ने डेवेलपर्स को ऐसे फोटो तक पहुंचने की अनुमति दे दी थी जिन्हें लोगों ने मार्केट प्लेस या फेसबुक स्टोरीज पर साझा किया था.

(इनपुट-भाषा)