IT फील्ड में स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं? भारत सरकार की इन 5 योजनाओं से मिलेगी मदद, लिस्ट के साथ चेक करें एलिजिबिलिटी

IT sector startup goverment schemes: चाहे आप छोटे शहर से हों या हाई-टेक हार्डवेयर पर काम कर रहे हों, भारत सरकार के ये 5 स्कीम्स आपके IT स्टार्टअप को डेवलप करने में बेहद मददगार साबित होंगी. आइये जानते हैं इस बारे में विस्तार से...

Published date india.com Published: April 4, 2026 11:13 AM IST
Indian government it startup scheme
IT सेक्टर में स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं? भारत सरकार की ये 5 योजनाएं पैसे जुटाने में करेगी मदद, लिस्ट के साथ चेक करें एलिजिबिलिटी

IT Sector startup Scheme: भारत सरकार इनोवेशन को प्रमोट करने के लिए कई सारी स्कीम्स चला रही है. सरकार के अधीन सभी मंत्रालय भी अपने-अपने फील्ड में स्टार्टअप्स को कई तरह की रियायतें देकर उसे प्रमोट करती है. IT सेक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधीन है. IT फील्ड में स्टार्टअप्स को कई सारी कंपोनेट्स से विदेश से मंगाने या इंपोर्ट करने पड़ते हैं. भारत सरकार इन 5 स्कीम्स के जरिए IT सेक्टर में ग्रो कर रहे स्टार्टअप्स को बढ़ाता देती है. आइये जानते हैं इस बारे में विस्तार से…

1. सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क स्कीम

सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क (STP) स्कीम विशेष रूप से आईटी और सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है. इस स्कीम के तहत नई स्टार्टअप कंपनियां 100% विदेशी इक्विटी के साथ काम कर सकती हैं, इसके साथ हीउन्हें हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर आयात पर कोई ड्यूटी नहीं देनी पड़ेगी. वहीं, एलिजिबिलिटी की बात करें तो कंपनी के कुल टर्नओवर का 50% हिस्सा इंपोर्ट से आना अनिवार्य है. यह स्कीम सिंगल विंडो क्लीयरेंस और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा भी प्रदान करती है.

भारत सरकार किसानों के लिए कितनी योजनाएं चला रही है? हर महीने देती है इतनी मदद, जानिए डिटेल्स 9

2. देश का हर कोना बने इनोवेशन हब

डिजिटल इंडिया-GENESIS प्रोग्राम स्कीम, टायर-2 और टायर-3 जैसे छोटे शहरों के स्टार्टअप्स के लिए वरदान है. इसका मुख्य फोकस डीप टेक (Deep Tech) टेक्नीक को प्रमोट करना है. इस योजना के लिए छोटे शहरों के स्टार्टअप्स और इनक्यूबेटर्स एलिजिबल हैं, जिन्हें 490 करोड़ रुपये के कुल फंड से सहायता दी जा रही है. इसका लक्ष्य भारत के हर कोने को एक इनोवेशन हब में बदलना है.

3. इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर टेक्नोलॉजी पार्क स्कीम

अगर आपका स्टार्टअप इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में है, तो यह स्कीम आपके लिए ही है. इस स्कीम के तहत कैपिटल गुड्स और कच्चे माल को विदेश से मंगाने पर ड्यूटी में पूरी छूट दी जाती है, ताकि लागत कम हो सके. एक्सपोर्ट ओरियेंटेड यूनिट इस स्कीम का लाभ उठा रही हैं, जिससे उनके प्रोडक्ट्स इंटरनेशनल मार्केट में अपनी अलग पहचान बनाए.

4. MeitY सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस

भारत सरकार ने फिनटेक, आईओटी (IoT) और मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे फील्ड के लिए देशभर में 26 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाएं हैं. इन जगहों पर स्टार्टअप्स को एडवांस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर, मेंटर्स और भारी-भरकम फंडिंग के साथ-साथ नेटवर्किंग के मौके भी दिए जाते हैं. इन इंस्टीट्यूशन में स्टार्टअप्स अप्लाई भी कर सकते हैं, जिससे वे अपने प्रोटोटाइप को हकीकत में बदल सकें. बता दें कि ये स्कीम इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) की पहचान को सिक्योर करने में भी स्टार्टअप्स की मदद करती है.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

5. एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम

ये योजना उन मैन्युफैक्चरिंग स्टार्टअप्स के लिए है, जिन्हें एक्सपोर्ट करने वाले सामान तैयार करने के लिए विदेशों से Raw मेटेरियल मंगाना पड़ता है. इस स्कीम के तहत, सरकार Raw मेटेरियल के इंपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी को पूरी तरह माफ या रीमिट (Remit) कर देती है. वहीं, इस स्कीम में एलिजिबिलिटी की बात करें तो उस स्टार्टअप को केवल यह साबित करना पड़ेगा कि वे उस कच्चे माल से तैयार प्रोडक्ट को एक्सपोर्ट करेंगे. यह स्कीम सीधे तौर पर देश की निर्यात क्षमता और स्टार्टअप्स की आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करती है.

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Business Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.