स्मार्टफोन का इस्तेमाल आज लगभग हर छोटे-बड़े काम के लिए किया जाता है. यहां तक कि अब आपको अपने डॉक्यूमेंट भी साथ रखने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये सब आप फोन में सेव रख सकते हैं. इतना ही नहीं, मोबाइल फोन में यूजर्स अपनी बैंकिंग डिटेल सुरक्षित रखते हैं. साथ ही डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करते हैं. यदि आप भी एंड्राइड फोन यूजर हैं और ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग करते हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है. क्योंकि एंड्राइड स्मार्टफोन यूजर्स के ऊपर एक खतरा मंडरा रहा है और इसकी चेतावनी सरकार ने जारी की है. इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम यानी CERT-In ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि एंड्राइड स्मार्टफोन यूजर्स पर Drinik नामक मैलवेयर का खतरा है. आइए जानते हैं इसके बारे में डिटेल से.Also Read - WhatsApp Web लेकर आया कमाल का फीचर, यूजर्स आसानी से बना सकते हैं अपनी फोटो का स्टिकर, जानिए पूरा प्रोसेस

CERT-In के अनुसार यदि आप एंड्राइड फोन इस्तेमाल करते हैं तो आपको थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है. क्योंकि स्मार्टफोन यूजर्स पर Drinik नामक मैलवेयर का खतरा मंडरा रहा है. ये मैलवेयर यूजर की ऑनलाइन बैंकिंग डिटेल चुरा रहा है जो कि वाकई चिंता का विषय है. इस मैलेवयर के माध्यम से हैकर्स पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के 27 से ज्यादा बैंक के यूजर्स को अपना शिकार बना रहे हैं और ऐसे में ऑनलाइन बैंकिंग के दौरान आपको सावधानी बरतने की खास जरूरत है. Also Read - Google Pay यूजर्स ध्यान दें! 1 जनवरी से बदलने वाला है ये नियम, यहां जानें डिटेल

रिपोर्ट के अनुसार Drinik नामक मैलवेयर मोबाइल बैंकिंग का उपयोग करने वाले यूजर्स के डिवाइस पर इनकम टैक्स रिफंड का झांसा देकर एंट्री करता है. इनकम टैक्स रिफंड का नाम होने की वजह से कई बार यूजर्स इस पर भरोसा कर लेते हैं जिसके बाद उन्हें भारी नुकसान भुगतना पड़ता है. बता दें कि यह एक बैंकिंग ट्रोजन है और इसके माध्यम से हैकर्स यूजर्स के फोन की स्क्रीन को मॉनिटर कर सकते हैं. इतना ही नहीं बैंकिंग से जुड़ी निजी जानकारियां भी चोरी कर सकते हैं. Also Read - Flipkart Big Bachat Dhamaal Sale: इस दिन शुरू होगी ये सेल और कई प्रोडक्ट्स पर मिलेंगे शानदार ऑफर्स

CERT-In ने बताया है कि यह मैलवेयर टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से यूजर के फोन में एंट्री करता है और मैसेज में एक लिंक शेयरय करता है. जिस पर क्लिक करते ही यूजर इनकम टैक्स की एक फैक वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं. इसके बाद यूजर से वायरस वाली एक APK फाइल को डाउनलोड व इंस्टॉल करने को कहा जाता है. इंस्टॉल पूरा होने के बाद यूजर से एसएमएस, कॉल लॉग और कॉन्टैक्ट के साथ ही कई अन्य जरूरी चीजों का एक्सेस मांगा जाता है. एक्सेस मिलते हही आपकी बैंकिंग डिटेल चोरी हो सकती है.