नई दिल्ली: वाहन चोरी की समस्या से निपटने के लिए माइक्रोडॉट तकनीक को मददगार बनाने की केन्द्र सरकार की पहल को दिल्ली से लागू किया जाएगा. लेजर आधारित अतिसूक्ष्म डॉट्स युक्त वाहन को सड़कों पर तैनात पुलिस की नजर में रखने वाली माइक्रोडॉट तकनीक को लागू करने का प्रस्तावित मसौदा गृह मंत्रालय ने जारी कर दिया है. वहीं, वाहन चोरी की सर्वाधिक घटनाओं से पीड़ित दिल्ली सरकार ने इसे लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है. Also Read - Video: लाल किला में पहुंचे उपद्रवियों ने कैसे मचाया उत्‍पात, पुलिस अफसर ने बयां की दास्‍तां

वाहन चोरी रोकने की दिशा में कदम उठाते हुए इसके लिए दो वैंडर को चिन्हित कर इसे लागू करने की कार्ययोजना को अंतिम समीक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (अपराध), विशेष आयुक्त (परिवहन) और उपराज्यपाल सचिवालय के पास भेजा गया है. जानकारों की राय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आईइ) पर आधारित माइक्रोडॉट तकनीक वाहन चोरी को नामुमकिन बनाने में मददगार साबित होगी. Also Read - ट्रैक्टर परेड का होगा बुरा असर, रद्द हो सकता है किसानों का संसद मार्च

गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव ओ.पी. मिश्रा ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना को दिल्ली सहित उन राज्यों में पहले लागू किया जाना है, जहां वाहन पंजीकरण सहित अन्य सभी दस्तावेजी औपचारिकताएं ऑनलाइन हो चुकी हैं. इस तकनीक के बारे में उन्होंने बताया कि माइक्रोडॉट स्प्रे की मदद से वाहन के इंजन सहित पूरी सतह पर अतिसूक्ष्म डॉट्स का छिड़काव कर दिया जाता है. Also Read - Delhi Metro Latest News Updates: दिल्‍ली मेट्रो के इन स्‍टेशन के गेट अभी तक हैं बंद, यात्रा से पहले जान लें

ऐसी है ये तकनीक
आंखों से नहीं देखे जा सकने वाले, हजारों की संख्या में ये डॉट वाहन की सतह पर हमेशा के लिए चिपक जाते हैं. इन्हें गर्म और ठंडे पानी के अलावा किसी अन्य रसायन से साफ करने पर हटाया नहीं जा सकता.

स्पे में गुप्त कोड
प्रत्येक वाहन के लिए माइक्रोडॉट स्प्रे का गुप्त कोड होता है. वाहन के माइक्रोचिप युक्त पंजीकरण कार्ड (आरसी) से माइक्रोडॉट स्प्रे के कोड का मिलान किया जाता है. इससे दिल्ली पुलिस के नेटवर्क में पहले से दर्ज वाहन की आरसी के साथ माइक्रोडॉट का कोड भी पुलिस नेटवर्क का हिस्सा बन जाता है.

पुलिस को अलर्ट भेजेगा
वाहन चोरी होने पर वाहन मालिक मोबाइल एप के जरिए पुलिस को अलर्ट भेज सकता है. अलर्ट मिलते ही लेजर युक्त माइक्रोडॉट की मदद से वाहन की लोकेशन पुलिस नेटवर्क में दर्ज की जाने लगती है.

1500 रुपए हो सकता है खर्च
शहर में तैनात पीसीआर के नेटवर्क एरिया से चोरी के वाहन की लोकेशन को माइक्रोडॉट की मदद से दर्ज कर वाहन को जब्त कर लिया जाएगा. उन्होंने बताया कि दिल्ली में माइक्रोडॉट स्प्रे की संभावित कीमत लगभग 1500 रुपए होगी.

देश में वाहन चोरी- ,एक नजर में 
– 2,00,000 वाहन देश में सालाना चोरी होते हैं
-100 वाहन औसतन हर दिन दिल्ली में चोरी होते हैं
– टॉप पर है दिल्ली वाहनों की चोरी के मामले में
– दूसरे स्थान पर वाहन चोरी में उत्तर प्रदेश
– तीसरे स्थान पर व्हीकल चोरी के मामले में महाराष्ट्र है.
– रोचक तथ्य- सफेद रंग के वाहन सर्वाधिक चोरी होते हैं
– सफेद वाहनों का रंग आसानी से बदल जाता है.