Microsoft data breach: 4 करोड़ 40 लाख यूजर्स की अकाउंट डिटेल खतरे में, कंपनी ने पासवर्ड बदलने को कहा

माइक्रोसॉफ्ट ने खुलासा किया है कि लाखों अकाउंट में लीक हुए यूजरनेम और पासवर्ड इस्तेमाल किए जा रहे हैं। ये डाटा 2019 के पहली तिमाही तक का है। इस समस्या के चलते कंपनी ने यूजर्स को उनके पासवर्ड को रिसेट यानी नया पासवर्ड बनाने की रिक्वेस्ट की है।

Published date india.com Published: December 9, 2019 11:30 AM IST
Microsoft data breach: 4 करोड़ 40 लाख यूजर्स की अकाउंट डिटेल खतरे में, कंपनी ने पासवर्ड बदलने को कहा

Microsoft data breach: माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, इस समय दुनिया भर में 44 मिलियन यानी 4 करोड़ 40 लाख Azure और माइक्रोसॉफ्ट सर्विस अकाउंट (MSA) यूजर्स अपने अकाउंट में लॉग-इन करने के लिए लीक हो चुकी डिटेल इस्तेमाल कर रहे हैं। कंपनी ने एक डाटाबेस की जांच की है, जहां पता चला है कि 3 बिलियन यानी 300 करोड़ लॉग-इन डिटेल इस समय सिक्योरिटी ब्रीच के जरिए लीक हो गए हैं। कंपनी की आइडेंटिटी थ्रेट रिसर्च टीम ने पाया है कि 4 करोड़ 40 लाख से ज्यादा यूजर्स के माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट की सुरक्षा में समस्या पाई गई है।

माइक्रोसॉफ्ट ने खुलासा किया है कि लाखों अकाउंट में लीक हुए यूजरनेम और पासवर्ड इस्तेमाल किए जा रहे हैं। ये डाटा 2019 के पहली तिमाही तक का है। इस समस्या के चलते कंपनी ने यूजर्स को उनके पासवर्ड को रिसेट यानी नया पासवर्ड बनाने की रिक्वेस्ट की है। इसके लिए यूजर्स को अपने माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट पर लॉग-इन करना होगा और अकाउंट सेटिंग्स पर जाकर पासवर्ड रिसेट ऑप्शन के जरिए अपना पासवर्ड बदलना होगा। कंपनी ने इन लीक हुए डाटा वाले अकाउंट को इस साल जनवरी से मार्च के बीच स्कैन किया था।

बता दें कि इस साल मई में सोशल मीडिया साइट Instagram डाटा ब्रीच के लिए सुर्खियों में रही थी। मई में एक खबर सामने आई थी, जहां पता चला था कि Instagram से 4.9 करोड़ लोगों की निजी जानकारी लीक हुई है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि लीक हुई ये जानकारियां कई सेलेब्रिटी, ब्रांड्स और दूसरे इंस्टाग्राम यूजर्स से संबंधित थी। लीक हुई इन जानकारियों में Instagram यूजर्स का फोन नंबर, इमेल आईडी, उनकी प्रोफाइल फोटो, बायो, लोकेशन (शहर और देश), फॉलोवर्स की संख्या जैसी जानकारियां शामिल थी।

अप्रैल में एक खबर सामने आई थी, जहां पता चला था कि भारत में करीब 60 फीसदी संगठनों का मानना है कि साइबर सुरक्षा के दृष्टिकोण से इंटरनेट असुरक्षित होता जा रहा है और वे अनिश्चित हैं कि क्या उपाय करें। यह जानकारी एक्सेंचर की रिपोर्ट में दी गई थी। ‘डिजिटल अर्थव्यवस्था को सुरक्षित करना ‘रिइंवेंटिंग द इंटरनेट फॉर ट्रस्ट’ शीर्षक रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत के ज्यादातर प्रतिभागियों (77 फीसदी) का मानना है कि जब तक इंटरनेट सुरक्षा में नाटकीय सुधार नहीं होगा, डिजिटल अर्थव्यवस्था की प्रगति में भारी बाधा आएगी।

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