जयपुर: विंडोज कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने वाली प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अगली जनवरी से अपने विंडोज-7 ऑपरेटिंग सिस्टम का अपडेट नहीं देने की घोषणा की है. उसने कहा है कि यूजर्स को विंडोज-10 अपनाने पर विचार करना चाहिए. इसके साथ ही कंपनी डेल एवं एचपी जैसी विनिर्माता कंपनियों के साथ काम कर रही है, ताकि कंप्यूटर, लैपटॉप और टेबलैट जैसे कंप्यूटिंग उपकरण को और सस्ता बनाया जा सके.

माइक्रोसॉफ्ट इंडिया की समूह निदेशक फरहाना हक ने जयपुर में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, विंडोज-7 के लिए कंपनी की ओर से मिलने वाला सपोर्ट (मदद या अपडेट) 14 जनवरी 2020 से बंद हो जाएगा. यानी इसके बाद इस आपरेटिंग सिस्टम को सुरक्षा व तकनीकी अपडेट नहीं मिलेंगे तो उस पर चलने वाले कंप्यूटर उपकरणों के इस्तेमाल के जोखिम बढ़ते जाएंगे.

माइक्रोसॉफ्ट इंडिया की समूह निदेशक हक ने कहा कि कंपनी चाहेगी कि ऐसे में लोग पुराने पीसी को ही इस्तेमाल करने के बजाए विंडोज-10 आधारित नये पीसी, लैपटॉप या टैबलेट खरीदें जो अधिक सुरक्षित हैं. बेहतर काम कर सकते हैं और फीचर के हिसाब से भी कहीं अच्छे हैं.

हक ने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट कंप्यूटर डिवाइस बनाने वाली डेल व एचपी ओईएम कंपनियों के साथ काम कर रही है, ताकि कंप्यूटिंग उपकरणों की कीमत और कम की जा सके. इसके लिए पुनर्खरीद या अदला-बदली ऑफर जैसे विकल्पों पर काम किया जा रहा है.