
Rishabh Kumar
ऋषभ कुमार पाण्डेय डिजिटल मीडिया और न्यूज इंडस्ट्री में एक साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं. वे मई 2024 से Zee Media समूह के साथ जुड़े हैं. यहां ... और पढ़ें
Aadhaar Card Rules 2026: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी UIDAI ने आधार नामांकन और अपडेट से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए हैं. नए नियमों को आधार (नामांकन और अपडेट) प्रथम संशोधन नियम, 2026 नाम दिया गया है. इन बदलावों का मकसद आधार प्रक्रिया को आसान, डिजिटल और ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है. खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांग लोगों और कमजोर वर्गों को ध्यान में रखते हुए कई नए प्रावधान जोड़े गए हैं. अब आधार बनवाने और अपडेट कराने के लिए पहले से ज्यादा डॉक्यूमेंट मान्य होंगे, जिससे लोगों को कम परेशानी होगी. UIDAI का कहना है कि इससे कागजी प्रक्रिया कम होगी और ज्यादा लोग आसानी से आधार सेवाओं का फायदा ले सकेंगे.
UIDAI ने पहचान प्रमाण (PoI), पते के प्रमाण (PoA) और जन्मतिथि के लिए मान्य दस्तावेजों की सूची को बढ़ा दिया है. अब लोग कई नए डिजिटल और सरकारी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सकेंगे.
| दस्तावेज कैटेगरी | मान्य दस्तावेज |
|---|---|
| डिजिटल डॉक्यूमेंट | ई-वोटर आईडी, ई-राशन कार्ड |
| सरकारी कार्ड | CGHS/ECHS/ESIC कार्ड, नरेगा जॉब कार्ड |
| कानूनी दस्तावेज | मैरिज सर्टिफिकेट, तलाक की डिक्री, रजिस्टर्ड रेंटल एग्रीमेंट |
| अन्य डॉक्यूमेंट | बिजली-पानी बिल, मार्कशीट, बैंक पासबुक, बीमा पॉलिसी |
| विशेष वर्ग | कैदी पहचान पत्र, आश्रय गृह प्रमाण पत्र |
UIDAI ने साफ किया है कि सभी दस्तावेज वैध होने चाहिए और आवेदक के नाम पर होने जरूरी हैं. पहचान प्रमाण में फोटो होना भी जरूरी रहेगा. साथ ही सभी दस्तावेजों में नाम और जन्मतिथि एक जैसी होनी चाहिए.
नए नियमों में बच्चों के आधार नामांकन को दो हिस्सों में बांटा गया है. 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए परिवार के मुखिया यानी HoF आधारित नामांकन जरूरी होगा. इस दौरान जन्म प्रमाण पत्र सबसे अहम दस्तावेज माना जाएगा. माता-पिता या अभिभावक के दस्तावेज भी देने होंगे.
वहीं 5 से 18 साल तक के बच्चों के लिए भी HoF आधारित प्रक्रिया को बढ़ावा दिया गया है. हालांकि अगर परिवार के मुखिया के दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो बच्चा अपने खुद के दस्तावेजों के जरिए भी आधार बनवा सकता है. इससे स्कूल जाने वाले बच्चों और किशोरों को काफी आसानी मिलेगी.
UIDAI ने पहली बार विदेशी नागरिकों और OCI कार्डधारकों के आधार की वैधता भी तय कर दी है. इससे आधार रिकॉर्ड को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद मिलेगी.
| श्रेणी | आधार वैधता |
|---|---|
| OCI कार्डधारक | 10 साल |
| नेपाल और भूटान के नागरिक | 10 साल |
| LTV धारक | वीजा अवधि तक |
| अन्य विदेशी नागरिक | वीजा या FRRO परमिट तक |
इसके अलावा ट्रांसजेंडर लोगों के लिए ट्रांसजेंडर आईडी कार्ड को आधार अपडेट में मान्यता दी गई है. अनाथ बच्चों और दिव्यांग लोगों के लिए गार्जियनशिप सर्टिफिकेट भी स्वीकार किया जाएगा. इससे ऐसे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो कोर्ट द्वारा नियुक्त अभिभावकों के साथ रह रहे हैं.
UIDAI ने समाज के कमजोर वर्गों के लिए भी नए प्रावधान जोड़े हैं. जेल में बंद कैदी, आश्रय गृहों में रहने वाले लोग और HIV/AIDS से प्रभावित लोग अब अधिकृत प्रमाण पत्रों के जरिए आधार प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. NACO द्वारा जारी दस्तावेज भी मान्य होंगे.
इन नए नियमों से आधार बनवाना और अपडेट कराना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा. लोगों को अब कम दस्तावेजों की परेशानी होगी और डिजिटल विकल्प बढ़ने से प्रक्रिया तेज बनेगी. खासकर युवा, छात्र, कामकाजी लोग और कमजोर वर्ग के लोग अब आसानी से अपनी पहचान अपडेट करा सकेंगे.
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