यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाते हुए देश की प्रमुख कैब सेवा प्रदाता कंपनी ओला ने रियल टाइम राइड निगरानी प्रणाली की शुरूआत की है. ओला ने एक बयान में कहा, “बेंगलुरू, मुंबई और पुणे में ग्राहकों की सुरक्षा के लिए रियल टाइम निगरानी प्रणाली ओला गार्जियन को पायलट आधार पर लांच किया गया है.”Also Read - Artificial Intelligence: कोविड उपचार में कैसे मदद कर सकता है एआई उपकरण, जानें

यह सिस्टम ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग टूल्स पर आधारित है, जिसकी शुरूआत दिल्ली और कोलकाता में अक्टूबर से और देश के अन्य शहरों में इस साल के अंत से की जाएगी. गार्जियन परियोजना के तहत, सभी ट्रिप्स की एआई-संचालित प्रणाली से निगरानी की जाएगी तथा रूट बदलने, अप्रत्याशित रूप से बीच में ट्रिप को रोकने जैसे संकेतकों का विश्लेषण किया जाएगा. Also Read - एआई अपनाने से भारतीय अर्थव्यवस्था में 2025 तक 90 अरब डॉलर जुड़ सकते हैं: रिपोर्ट

ओला की सेफ्टी रेस्पॉन्स टीम सुरक्षा संबंधी चूक से निपटने के लिए तैयार रहेगी. इससे पहले कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जब राइड मुहैया करानेवाली कंपनियों के ड्राइवरों ने सुनसान रास्ते पर ले जाकर महिला सवारियों से छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसी घटनाओं को अंजाम दिया है. Also Read - अब क्रिकेट में भी एंट्री के लिए तैयार है आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, अब और सटीक होंगे DRS निर्णय

ओला ने कहा कि वह राज्य सरकारों के साथ मिलकर उन रास्तों की मैपिंग का काम कर रही है, जिधर ले जाना सुरक्षित नहीं है, ताकि अपनी प्रणाली के प्रदर्शन को सुधार सके. कंपनी के उपाध्यक्ष अंकुर अग्रवाल ने एक बयान में कहा, “गार्जियन जैसी परियोजनाओं के द्वारा हम परिवहन उद्योग में यात्रियों की सुरक्षा में सुधार का काम कर रहे हैं.