
Rishabh Kumar
ऋषभ कुमार पाण्डेय डिजिटल मीडिया और खबरों की दुनिया में एक साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं. ऋषभ टेक और Off-Beat से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी रखते ... और पढ़ें
OpenAI ने अपने एआई चैटबॉट ChatGPT में एक नया “हेल्थ” सेक्शन जोड़ा है, जो खासतौर पर यूजर्स की शारीरिक और मानसिक सेहत से जुड़ी बातचीत के लिए बनाया गया है. इस नए सेक्शन का मकसद यह है कि लोगों को सेहत से जुड़े सवालों के लिए एक अलग प्लेटफॉर्म देना है. कंपनी का कहना है कि इससे हेल्थ से जुड़ी जानकारी ज्यादा सुरक्षित होगी. ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल आ रहा है की ये आगे चल डॉक्टर्स की जगह ले सकते हैं.
OpenAI के अनुसार, ChatGPT पर हेल्थ और वेलनेस से जुड़े सवाल सबसे ज्यादा पूछे जाते हैं. हर हफ्ते करीब 23 करोड़ लोग इस प्लेटफॉर्म पर बीमारी, फिटनेस, मानसिक तनाव, डाइट और दवाओं से जुड़े सवाल करते हैं. पहले ये सभी बातचीत यूजर्स की रोजमर्रा की चैट में ही शामिल रहती थी, जिससे जरूरी जानकारी ढूंढना मुश्किल हो जाता था. अब जैसे ही कोई यूजर हेल्थ से जुड़ा सवाल पूछेगा, ChatGPT उसे नए हेल्थ सेक्शन में बातचीत करने का सुझाव देगा.
ChatGPT हेल्थ सेक्शन में यूजर्स अपनी लैब रिपोर्ट, मेडिकल टेस्ट के नतीजे और डॉक्टर की पर्ची भी अपलोड कर सकते हैं. इसके अलावा इसे Apple Health और MyFitnessPal जैसी वेलनेस ऐप्स से जोड़ने की सुविधा भी दी गई है. इससे यूजर अपनी सेहत से जुड़ा डेटा आसानी से समझ सकते हैं. हालांकि, OpenAI ने साफ किया है कि यह फीचर किसी बीमारी की पहचान नहीं करता और न ही इलाज बताता है. इसका काम सिर्फ जटिल मेडिकल जानकारी को आसान भाषा में समझाना है, ताकि आम लोग उसे बेहतर तरीके से समझ सकें.
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि हेल्थ सेक्शन में होने वाली बातचीत का इस्तेमाल ChatGPT के मॉडल को ट्रेन करने के लिए नहीं किया जाएगा. यानी यूजर्स की हेल्थ से जुड़ी जानकारी को पूरी तरह निजी रखा जाएगा. OpenAI का मानना है कि यह फीचर डॉक्टर और मरीज के बीच जानकारी की समझ को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन यह किसी भी तरह से मेडिकल प्रोफेशनल का विकल्प नहीं है.
हालांकि, OpenAI ने यूजर्स को सतर्क रहने की सलाह भी दी है. कंपनी का कहना है कि ChatGPT हेल्थ फीचर को डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं लिया जाना चाहिए. चैटबॉट के जवाब संभावना के आधार पर होते हैं, न कि मेडिकल जांच पर. कई बार जवाब सही लग सकते हैं, लेकिन वे पूरी तरह सटीक न हों. इसलिए किसी भी गंभीर बीमारी, दवा या इलाज से जुड़े फैसले लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है. आंख मूंदकर एआई पर भरोसा करना नुकसानदायक साबित हो सकता है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Technology की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.