आज यूजर्स के बीच OTT प्लेटफॉर्म काफी लोकप्रिय हो रहे हैं. खासतौर पर कोरोना काल में OTT प्लेटफॉर्म्स ने यूजर्स के बीच अपनी एक मजबूत जगह बनाई है. यही वजह है कि भारत में इनकी डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है. सामने आई एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि प्रत्येक भारतीय यूजर OTT पर रोजाना 18 रुपये खर्च करता है. अनुमान है कि भारत में OTT का मार्केट साल 2030 तक 12.5 बिलियन डॉलर यानि करीब 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. यह रिपोर्ट एडवाइजर कंपनी रिजर्व बैंक साउथ अफ्रीका (RBSA) द्वारा जारी की गई है और इसमें बताया गया है कि भारत में OTT प्लेटफॉर्म के ग्रोथ में रीजनल भाषाओं के सपोर्ट के बाद ग्रोथ देखने को मिली है.
2030 में OTT प्लेटफॉर्म को मिलेगी जबरदस्त बढ़त
एडवाइजर कंपनी रिजर्व बैंक साउथ अफ्रीका (RBSA) की रिपोर्ट के अनुसार साल 2030 में OTT प्लेटफॉर्म्स का दबदबा और भी मजबूत हो जाएगा. देश में डिज्नी प्लस, हॉटस्टार, अमेजन प्राइम वीडियो और नेटफ्लिक्स के अलावा अब कई स्थानीय OTT कंपनियां भी अपनी जगह बनाने लगी हैं. इसमें सोनी लिव, वूट, जी5, एरोस नाउ, ऑल्ट बालाजी, होई चोई और अड्डा टाइम्स आदि शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 2025 तक OTT ग्रोथ 4 बिलियन डॉलर यानि करीब 3 लाख करोड़ पहुंच सकती है. जो कि अभी लगभग 2 लाख करोड़ रुपये है. वहीं आने वालें पांच सालों में यह ग्रोथ 12.5 बिलियन डॉलर यानि 10 लाख करोड़ रुपये तक होने की संभावना है.
वीडियो और ऑडियो प्लेटफॉर्म की है डिमांड
रिपोर्ट के अनुसार भारतीय यूजर्स के बीच OTT के वीडियो और ऑडियो दोनों प्लेटफॉर्म लोकप्रिय हो रहे हैं. भारत में म्यूजिक OTT में गाना, जियो सावन, विंक म्यूजिक और स्पोटीफाई का काफी उपयोग किया जाता है. उम्मीद है कि इनका मार्केट साल 2025 तक 3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा. वहीं वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की बात करें तो इसमें हर साल जबरदस्त ग्रोथ देखी जा रही है और आने वाले समय में इसमें कंपटीशन भी देखने को मिलेगा.
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