व्हाट्सऐप का क्रेज और जरूरत दोनों लगातार बढ़ता जा रहा है. पर्सनल, फैमिली यूज की तरह ही ऑफिशियल काम में भी ये आम जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है. इस बीच इसे लेकर फोर्ब्स ने एक रिपोर्ट जारी की है. इसके मुताबिक, पूरी दुनिया में इसका प्रयोग बढ़ा है. चौंकाने वाली बात ये है कि पिछले तीन महीने में व्हाट्सऐप पर 8500 करोड़ घंटे बिताए गए हैं.

रिपोर्ट के आंकोड़ों पर गौर करें तो 8500 करोड़ घंटे को हम 85 अरब घंटे भी बोल सकते हैं. इसे आसान किया जाए और दुनिया पर मौजूद हर शख्स के आंकड़े निकाले जाएं तो मालूम होता है कि हर व्यक्ति के हिस्से में 11.425 घंटे आए हैं. इसे 1.5 अरब लोग इस्तेमाल कर रहे हैं. इसकी तुलना सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक से की जाए तो वहां इतने समय में तीन हजार करोड़ घंटे लोगों ने फेसबुक पर बिताए हैं.

इस कंपनी ने किया रिसर्च
फोर्ब्स ने इस डेटा का काम एपटोपिया नाम की कंपनी को दिया था. कंपनी को स्पोकपर्सन एडम ब्लैकर के मुताबिक, टॉप 10 सोशल मी़डिया ऐप्स में व्हाट्सऐप, वीचैट, फेसबुक, मैसेंजर, पंडोरा, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, ट्विटर, गूगल मैप्स और स्पॉटिफी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक कहा गया है कि चीनी कंपनी वी चैट दुनिया में दूसरा सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला एप्लिकेशन है.

सरकार चिंतित
बता दें कि भारत में व्हाट्सऐप अब चिंता का सबब भी बन चुका है और सरकार ने इसे लेकर चिंता जताई है. इसका कारण है पिछले कुछ समय से इसके जरिए अफवाह फैलाना. इसे लेकर सरकार ने व्हाट्सऐप से बात भी किया है. सरकार ने व्हाट्सएप को सख्ती से कहा कि उसे यदि भारत में काम करना है तो इसके लिए स्थानीय कंपनी बनानी होगी. इतना ही नहीं इस ऐप पर किसी फर्जी संदेश के श्रोत का पता लगाने का तकनीकी समाधान तलाशना होगा.

केंद्रीयमंत्री ने ये कहा
रविशंकर प्रसाद ने कहा, फेसबुक के स्वामित्व वाले इस संदेश आदान-प्रदान ऐप ने भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की कहानी में उल्लेखनीय योगदान किया है. लेकिन उसे भीड़ के हमले और प्रतिशोध के लिए अश्लील तस्वीरें प्रेषित करने जैसे दुष्क्रित्यों से निपटने के समाधान तलाशने होंगे. बता दें कि हाल में देश में कुछ स्थानों पर व्हाट्सएप पर अफवाह से जुटी भीड़ ने कुछ लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी. तब से सरकार ऐसे संदेशों के श्रोत का पता लगाने का समाधान चाहती है.