पीएम नरेंद्र ने डिजिटल इंडिया मुहिम के तहत आज एक नया डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन e-RUPI लॉन्च कर दिया है. जो कि लोगों के बीच लॉन्च के साथ ही चर्चा में आ गया है. इसकी वजह है कि यह अन्य डिजिटल पेमेंट मोड की तुलना में काफी अलग है. खास बात है कि इसका सीधा लाभ लाभार्थी को ही मिलेगा और बीच कोई नहीं आएग. साधारण शब्दों में कहें तो e-RUPI एक गिफ्ट वाउचर की तरह काम करेगा इसका मुख्य लक्ष्य डायरेक्ट टू बेनिफिट्स के लिए किया जाएगा. कुछ प्वाइंट्स में जानते हैं आखिर क्या है e-RUPI और कैसे किया जाएगा उपयोग?Also Read - Free Fire Redeem Codes 22 September 2021: आज फ्री मिलेंगे कई रिवॉर्ड्स, बस करना होगा ये काम

जानें क्या है e-RUPI
पीएम मोदी द्वारा लॉन्च किया e-RUPI एक नया डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन है और यह प्रीपेड वाउचर सर्विस की तरह है. इसकी मदद से लाभार्थिओं को बैंक से डायरेक्ट योजनाओं को भेजा जाएगा. उदाहरण के तौर पर यदि सरकार आपको एलपीजी फिल कराने के लिए e-RUPI वाउचर भेजेगी तो आप उसे केवल एलपीजी फिल कराने के लिए उपयोग कर सकेंगे. यह e-RUPI लाभार्थिओं को QR Code या SMS बेस्ड e-वाउचर के माध्यम से भेजा जाएगा. Also Read - 6000mAh बैटरी वाले Samsung के इस स्मार्टफोन पर मिल रहा है धमाकेदार डिस्काउंट, जानें डिटेल

कैसे करेगा काम e-RUPI
e-RUPI एक प्रीपेड वाउचर है और देशभर में कुल 11 बैंकों की ओर से इसे जारी किया गया है. इस डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन को डिमांड ड्राफ्ट की तरह उपयोग किया जाएगा. किसी योजना के लिए जब वाउचर जारी किया जाएगा तो लाभार्थी के पास एक QR कोड और SMS के माध्यम से e-RUPI भेजा जाएगा. बता दें कि एक व्यक्ति को एक बार ही किसी योजना का QR कोड और SMS जारी किया जाएगा. Also Read - WhatsApp Tips and Tricks: ये हैं WhatsApp के टॉप 5 फीचर्स, जो बदल देंगे आपका चैटिंग एक्सपीरियंस

बैंक अकाउंट नहीं है जरूरी
e-RUPI वाउचर की सबसे अच्छी बात है कि इसके लिए लाभार्थिओं को किसी बैंक अकाउंट की जरूरत नहीं होगी. लाभार्थी डिजिटल कार्ड, डिजिटल पेमेंट ऐप और इंटरनेट बैंकिंग सर्विस के बिना ही इसे एक्सेस कर सकेंगे.

गरीबों तक पहुंचेगी तकनीक
पीएम मोदी ने e-RUPI को लॉन्च करते समय कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य गरीबों तक पहुंच बनाना है. उन्होंने कहा ‘हमारे देश में कुछ लोग कहते थे कि तकनीक केवल अमीरों की चीज और भारत एक गरीब देश है. ऐसे में भारत में तकनीक की क्या काम? लेकिन हमारी सरकार टेक्नोलॉजी को एक मिशन बनाने की बात करती है और आज देश ने उन लोगों की सोच को नकारा भी है और गलत भी साबित किया ह. आज हम टेक्नोलॉजी को गरीबों की मदद के रूप में देख रहे हैं.’