सावधान! फोन में लगा प्राइवेसी टेम्पर्ड ग्लास बना सकता है खतरा, नुकसान जानेंगे तो तुरंत उतार फेकेंगे

Privacy Tempered Glass: आज के समय में लोग स्मार्टफोन पर प्राइवेसी टेम्पर्ड ग्लास लगाने लगे हैं लेकिन ये फोन और आंखों के लिए बेहद खतरनाक होते हैं.

Published date india.com Published: January 4, 2026 11:36 PM IST
privacy tempered glass
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Privacy Tempered Glass: आज के समय में स्मार्टफोन पर प्राइवेसी टेम्पर्ड ग्लास लगाना एक तरह का ट्रेंड बन गया है. लोग मानते हैं कि इससे भीड़ में उनकी स्क्रीन कोई नहीं देख पाएगा और उनकी निजी जानकारी सुरक्षित रहेगी. कई लोग नया फोन लेते ही सबसे पहले यही ग्लास लगवाते हैं. लेकिन क्या सच में यह ग्लास उतना फायदेमंद है, जितना बताया जाता है? सच्चाई यह है कि प्राइवेसी टेम्पर्ड ग्लास आपके फोन की सुरक्षा से ज्यादा उसे नुकसान पहुंचा सकता है. यहसिर्फ फोन की स्क्रीन क्वालिटी खराब करता है, बल्कि पूरे मोबाइल इस्तेमाल करने के अनुभव को भी बिगाड़ देता है.

स्क्रीन की ब्राइटनेस

प्राइवेसी टेम्पर्ड ग्लास में एक खास डार्क फिल्टर होता है, जो साइड एंगल से स्क्रीन को देखने से रोकता है. लेकिन यही फिल्टर फोन की ब्राइटनेस को काफी कम कर देता है. इसकी वजह से स्क्रीन धुंधली और फीकी दिखने लगती है. अगर आपके पास महंगा स्मार्टफोन है, जिसमें शानदार AMOLED या OLED डिस्प्ले है, तो आप उसकी असली क्वालिटी का मजा ही नहीं ले पाते. वीडियो देखने, फोटो देखने या गेम खेलने का अनुभव पहले जैसा नहीं रहता. कई यूज़र्स को आंखों पर भी ज्यादा जोर डालना पड़ता है, जिससे आंखों में थकान और जलन की समस्या हो सकती है.

बैटरी और ऑटो ब्राइटनेस के लिए परेशानी

प्राइवेसी टेम्पर्ड ग्लास फोन की बैटरी के लिए भी नुकसानदायक होता है. चूंकि स्क्रीन डल हो जाती है, इसलिए यूज़र को फोन की ब्राइटनेस ज्यादा रखनी पड़ती है, खासकर बाहर धूप में. डिस्प्ले पहले ही फोन की बैटरी सबसे ज्यादा खर्च करता है, और ज्यादा ब्राइटनेस से बैटरी और तेजी से खत्म होती है. इसके अलावा, यह ग्लास फोन के लाइट सेंसर को भी ठीक से काम नहीं करने देता. ऑटो ब्राइटनेस फीचर सही तरीके से काम नहीं करता और कई बार स्क्रीन अचानक बहुत ज्यादा डिम या बहुत ज्यादा ब्राइट हो जाती है. इससे वीडियो देखने और गेम खेलने के दौरान काफी परेशानी होती है.

फिंगरप्रिंट सेंसर और प्राइवेसी दोनों में फेल

प्राइवेसी टेम्पर्ड ग्लास का सबसे बड़ा नुकसान इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर वाले फोन में देखने को मिलता है. डार्क फिल्टर की वजह से फिंगरप्रिंट सेंसर बार-बार फेल हो जाता है. बैंकिंग ऐप्स, UPI पेमेंट या फोन अनलॉक करते समय बार-बार उंगली लगानी पड़ती है, जिससे चिढ़ होने लगती है. हैरानी की बात यह है कि यह ग्लास आपकी प्राइवेसी भी पूरी तरह से नहीं बचाता. थोड़ा सा एंगल बदलने पर पास खड़ा व्यक्ति भी आपकी स्क्रीन देख सकता है. ऐसे में यह ग्लास न सिर्फ फोन को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि यूज़र को झूठी सुरक्षा का एहसास भी देता है.

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