PUBG Mobile Update: PUBG Mobile बैन होने के बाद Google Play Store और Apple App Store से इस बैटल रॉयल गेम को हटा दिया गया है. वहीं, PUBG बैन होने का फायदा इसके विकल्‍प के तौर पर मौजूद गेम्‍स को हुआ है. देश में PUBG बैन होने के बाद Call of Duty: Mobile और Garena Free Fire जमकर डाउनलोड किए जा रहे हैं. Also Read - Battlegrounds Mobile India की लॉन्च डेट हुई लीक, इस दिन रिलीज होगा ये गेम

Entrackr की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 2 सितंबर से 5 सितंबर के बीच Garena Free Fire और Call of Duty: Mobile गेम गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर से सबसे ज्यादा डाउनलोड किए गए टॉप-3 गेम्स में शामिल रहे. वहीं, तीसरा गेम Ludo King है, जिसे कोविड-19 महामारी के कारण हुए लॉकडाउन के दौरान काफी डाउनलोड किया गया. Also Read - PUBG Mobile के बाद अब Battlegrounds Mobile India पर भी लग सकता है बैन, जानिए वजह

रिपोर्ट के अनुसार, यह डेटा सेंसर टॉवर पर आधारित है. 2 सितंबर से 5 सितंबर के दौरान Garena Free Fire को 21 लाख बार, जबकि Call of Duty: Mobile को 11.5 लाख बार डाउनलोड किया गया है. डाउनलोडिंग में तेजी से हुई बढ़ोतरी के चलते Garena Free Fire गूगल प्ले स्टोर पर टॉप फ्री और ग्रॉसिंग गेम बना गया है. वहीं, Tencent Games के FPS गेम पर बैन लगने के बाद लूडो किंग को भारत में 15.2 लाख बार डाउनलोड किया गया. Also Read - Battlegrounds Mobile India की लॉन्च डेट का खुलासा, जानें कब होगा डाउनलोडिंग के लिए उपलब्ध

PUBG की भारत में हो सकती है वापसी
PUBG Mobile की भारत में वापसी हो सकती है, क्‍योंकि कोरिया का पबजी कॉरपोरेशन भारत में पबजी मोबाइल के संचालन की पूरी जिम्‍मेदारी चीन की Tencent Games से लेने वाला है. ऐसे में पबजी कॉरपोरेशन खुद भारत में यह गेम पेश कर सकता है. इसका मतलब अगर सब सही रहा तो चीन का कनेक्शन खत्म होने के बाद PUBG Mobile से भारत में बैन हट सकता है.

बता दें कि पबजी कॉरपोरेशन दक्षिण कोरियाई वीडियो गेम कंपनी क्राफ्टन गेम यूनियन की सहायक कंपनी है. यह PUBG PC, PUBG PS4 और PUBG Xbox की डेवलपर और पब्लिशर है. वहीं, पबजी मोबाइल व पबजी मोबाइल लाइट का लाइसेंस चीन की टेनसेंट गेम्‍स के पास है.

राष्‍ट्रीय सुरक्षा कारणों से लगा बैन
केंद्र सरकार ने 2 सितंबर को देश में पबजी मोबाइल समेत 118 चाइनीज ऐप पर बैन लगाया था. सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए इन ऐप्‍स को प्रतिबंधित किया है. मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्‍फॉर्मेशन टेक्नॉलजी को ऐसी रिपोर्ट मिली थी कि ऐंड्रॉयड और iOS प्लेटफॉर्म पर उपलब्‍ध ये मोबाइल ऐप यूजर्स का डेटा चोरी कर रहे हैं और यह डेटा देश से बाहर स्थित सर्वर पर अवैध रूप से पहुंचा रहे हैं.