दुनिया फिर से एक बड़े साइबर हमले की चपेट में आ गई है. इस हमले से ब्रिटिश विज्ञापन एजेंसी WPP समेत कई कंपनियां प्रभावित हुई हैं. सबसे अधिक प्रभावित यूक्रेन रहा जहां बैंक, बिजली कंपनियां और सरकारी मंत्रालयों तक के कंप्यूटर में गड़बड़ी देखने को मिल रही है. जानकारों का मानना है कि यह पिछले महीने हुए वानाक्राई रैनसमवेयर जैसा ही हमला है.

अभी तक की मी़डिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह साइबर हमला अमेरिका तक पहुंच गया है. रूस में रॉसनेफ्ट ऊर्जा कंपनी भी हैक कर ली गई है. उक्रेन सबसे अधिक प्रभावित रहा. वहां कॉर्नोबाइल रेडिएशन मॉनिटरिंग सिस्टम भी प्रभावित हुआ है. यूक्रेन का सेंट्रल बैंक, सरकारी बिजली वितरक कंपनी यूक्रेनेर्गो, विमान निर्माता कंपनी एंतोनोव और दो डाक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. राजधानी किएव की मेट्रो में पेमेंट कार्ड काम नहीं कर रहे हैं. कई पेट्रोल स्टेशनों को अपना काम-काज रोकना पड़ा है.

यूक्रेन के प्रधानमंत्री ने इस हमले को अप्रत्याशित करार दिया है. यूक्रेन के उप-प्रधानमंत्री ने एक तस्वीर ट्विटर पर डाली है, जिसमें स्क्रीन पर सिस्टम में ख़राबी की सूचना दिख रही है. उन्होंने कैप्शन में लिखा है, ”टा-डा! कैबिनेट मंत्री के सचिवालय में नेटवर्क डाउन है.’

बीबीसी की एक रिपोर्ट में कंप्यूटर वैज्ञानिक ऐलन वुडवर्ड ने कहा कि यह पिछले साल सामने आए रैनसमवेयर के एक हिस्से का ही प्रकार हो सकता है. जब इस पर काबू पा लिया गया तो अपराधियों ने इसे अपडेट करके फिर से तबाही के लिए तैयार कर लिया.

पिछले महीने रैनसमवेयर वायरस के हमले ने दुनिया भर के 100 से अधिक देशों में हड़कंप मचा दिया था. भारत भी इस हमले की चपेट में आ गया था. इस रैनसमवेयर को ‘वाना क्राई (Wanna Cry)’ नाम दिया गया. यह मालवेयर कंप्यूटरों को अपने नियंत्रण में लेने के बाद फाइलों को खोलने के लिए उपभोक्ताओं से फिरौती की मांग करता है.