दूरसंचार कंपनी Jio और Vodafone-Idea ने सितंबर में स्पेक्ट्रम की बकाया राशि के रूप में दूरसंचार विभाग को करीब 94 करो़ड़ रुपये दिए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।सूत्रों ने कहा कि वोडाफोन आइडिया ने 54.52 करोड़ रुपये जबकि रिलायंस जियो ने करीब 39.1 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया है। यह भुगतान समय पर किया गया है।रिलायंस जियो ने ई-मेल का जवाब नहीं दिया है जबकि वोडाफोन आइडिया के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी कारोबार से जुड़े मामलों पर टिप्पणी नहीं करती है।

सरकार ने कंपनियों को स्पेक्ट्रम का पैसा टुकड़ों में चुकाने की सहूलियत दे रखी है। सरकार ने पिछले साल संकटग्रस्त दूरसंचार क्षेत्र को राहत देते हुए स्पेक्ट्रम भुगतान के मद में दी जाने वाली किस्तों की संख्या को 10 से बढ़ाकर 16 कर दिया था।संकट के बीच हाल ही में वोडाफोन समूह के चेयरमैन जेरार्ड क्लिस्टरली और मुख्य कार्यकारी अधिकारी निक रीड ने दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश से मुलाकात की। इस बैठक में कंपनी ने स्पेक्ट्रम के भुगतान की वसूली को दो साल के लिए टालने और अन्य राहत उपायों की मांग की है।

TRAI के फोन काल की घंटी की अवधि पर दखल के खिलाफ है JIO

मोबाइल सेवा प्रदाताओं की रस्साकशी के बीच निजी क्षेत्र की प्रमुख सेवा प्रदाता रिलायंस जियो ने भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) से मोबाइल फोन काल की घंटी की अवधि तय करने के बारे में कोई व्यवस्था न देने का आग्रह किया है। कंपनी का कहना है इसको सेवा प्रदाताओं पर छोड़ दिया जाना चाहिए क्योंकि इस मामले में ‘नियामकीय हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।’

जियो ने कहा है कि ट्राई इस मामले पर यदि कुछ कहना भी चाहता है तो वह ‘संदर्भ के लिए एक दिशानिर्देश’ के रूप में होना चाहिए और यह ‘अनिवार्य निर्देश के रूप में नहीं होना चाहिए।’ ट्राई इस बारे एक परिचर्चा पत्र जारी कर अपना विचार तय करने वाला है। जियो ने अपने नेटवर्क से की जाने वाली काल की घंटी की अवधि कम कर दी है। उसकी प्रतिद्वंद्वी भारती एयरटेल ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि यह काल करने वाले ग्राहकों की सुविधा के खिलाफ है।

(इनपुट पीटीआई से)