नई दिल्ली. दक्षिण कोरिया की मोबाइल कंपनी सैमसंग और चीनी मोबाइल निर्माता कंपनी शिओमी के बीच वर्चस्व की जंग में कौन विजेता होगा, इसका फैसला इस साल के अंत तक हो सकता है. दिलचस्प यह है कि इस फैसले के केंद्र में उत्तर प्रदेश का एक जिला गौतमबुद्धनगर यानी नोएडा होगा. क्योंकि साल के आखिरी महीनों में विश्व की प्रमुख मोबाइल निर्माता कंपनी सैमसंग, नोएडा में अपने मोबाइल प्रोडक्शन प्लांट से उत्पादन शुरू करने वाली है. मोबाइल बिक्री में पिछले कुछ महीनों से चीन की मोबाइल निर्माता कंपनी शिओमी, सैमसंग को कड़ी टक्कर दे रही है. ऐसे में सैमसंग कंपनी के अधिकारियों को उम्मीद है कि नोएडा में शुरू होने वाले मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से वे भारत के मोबाइल फोन बाजार में एक बार फिर अपनी बड़ी हैसियत को पा सकेंगे. Also Read - भारत में जून-जुलाई में तबाही मचा सकता है कोरोना वायरस, अपने चरम पर होगा संक्रमण

5 हजार करोड़ का प्लांट
भारतीय मोबाइल बाजार में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए सैमसंग हरसंभव उपाय कर रही है. इसके तहत ही देश की राजधानी दिल्ली के नजदीक नोएडा में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बनाया गया है. इस प्लांट के निर्माण में कंपनी ने 5 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया है. कंपनी का मोबाइल कारोबार देखने वाले सीनियर वाइस प्रेसीडेंट मोहनदीप सिंह ने इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत में कहा, ‘हमने अपनी उत्पादन क्षमता को दोगुना करने के लिए 5 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया है. कंपनी की पूरी कोशिश है कि इस साल के अंत तक नए प्लांट से उत्पादन शुरू हो जाए.’ नोएडा में लगे नए प्लांट में न सिर्फ मोबाइल का उत्पादन होगा, बल्कि कंपनी प्रिंटेड सर्किट बोर्ड यानी पीसीबी को असेंबलिंग भी करेगी. मोहनदीप सिंह ने अखबार से बातचीत में कहा, ‘नोएडा में स्थापित नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से मोबाइल प्रोडक्शन तो होगा ही, कंपनी यहां पर पीसीबी असेंबलिंग का काम भी करेगी.’ उन्होंने कहा कि कंपनी तेजी से बढ़ते मोबाइल बाजार में पिछड़ना नहीं चाहती है. Also Read - BRICS समूह के विदेश मंत्रियों की मीटिंग, जयशंकर बोले- कोरोना से जंग में 85 देशों की मदद कर रहा है भारत

12 करोड़ मोबाइल का उत्पादन
दक्षिण कोरिया की कंपनी सैमसंग भारत में पिछले कई वर्षों से अपना कारोबार कर रही है. टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के अलावा मोबाइल के बाजार में भी इस कंपनी ने अपनी काफी अच्छी साख बना ली है. ऐसे में भारतीय मोबाइल बाजार में शिओमी, ओप्पो, विवो जैसी कंपनियों से मिल रही टक्कर को देखते हुए सैमसंग ने कड़ी प्रतिस्पर्धा करने की योजना बनाई है. कंपनी का नोएडा में बना प्लांट सालाना 12 करोड़ मोबाइल फोन का उत्पादन करेगा. कंपनी को उम्मीद है कि इससे वह भारतीय बाजार में मोबाइल कंपनियों का सिरमौर बन सकेगी. मोबाइल बाजार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ भी स्थानीय स्तर पर मोबाइल फोन उत्पादन को कंपनियों के लिए जरूरी बताते हैं. इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत में काउंटरप्वाइंट रिसर्च के एसोसिएट डायरेक्टर तरुण पाठक ने कहा, ‘स्थानीय स्तर पर उत्पादन की सुविधा से कोई भी कंपनी कम से कम समय में बाजार में अपने प्रोडक्ट को लॉन्च करने में सफल रहती है. सैमसंग पिछले कुछ महीनों से इस समस्या से जूझ रही है. इस कारण प्रतिद्वंद्वी कंपनियां-शिओमी, विवो या ओप्पो तेजी के साथ बाजार में अपनी जगह बना रही है.’ Also Read - स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन बोले- हमने भारत को 'स्टेज 3' में जाने से बचाया है