
Satyam Kumar
सत्यम, बिहार से हैं. उन्होंने LS College, मुजफ्फरपुर, बिहार से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया से MA In Media Governance में मास्टर्स किया है. मास्टर्स के साथ ... और पढ़ें
Washing machine safety tips: हम अक्सर घर के कामों को निपटाने की जल्दी में होते हैं, जैसे वॉशिंग मशीन में कपड़े डाल दिए और खुद नहाने चले गए. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह एक आदत आपकी जान के लिए बड़ा खतरा बन सकती है! बिजली और पानी का मेल हमेशा से जानलेवा रहा है, ऐसे में वॉशिंग मशीन में कपड़े डालकर कैसे नहाने जाना एक खतरनाक आदत साबित हो सकती है. आइये जानते हैं…
हम सब जानते हैं कि शुद्ध पानी भले ही बिजली का कंडक्टर ना हो, लेकिन घरों में आने वाली पानी खनिजों (minerals) के कारण बिजली का एक बेहतरीन कंडक्टर होता है. जब बाथरूम का फर्श गीला होता है और आपका शरीर गीला हो, तो करंट लगने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. अगर वॉशिंग मशीन के मोटर या तार से जरा सा भी करंट लीक हुआ, तो करंट गीले फर्श, धातु के पाइप या गीली दीवार के जरिए आपके शरीर तक सेकंडों में पहुंच सकता है.
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चालू वॉशिंग मशीन में इलेक्ट्रिसिटी का फ्लो अधिक होता है, जिससे मशीन कपड़ों को तेजी से घुमा और धो सके. इस प्रक्रिया में मशीन के भीतर काफी वाइब्रेशन होता है, जिससे कभी-कभी अंदरूनी तार ढीले हो सकते हैं या कट सकते हैं. अगर वायरिंग में कोई भी खराबी हो या मशीन के भीतर कोई लीकेज हो, तो पानी के संपर्क में आने से वह बिजली पूरे बाथरूम में फैल सकती है. नहाते समय अगर आप उसी पानी के सोर्स या नल के संपर्क में हैं, जिससे मशीन जुड़ी है, तो करंट लगने का जोखिम जानलेवा हो सकता है.
कई घरों में बिजली की वायरिंग पुरानी होती है या फिर अर्थिंग (Earthing) सही तरीके से नहीं की गई होती. अर्थिंग का काम अतिरिक्त बिजली को सुरक्षित तरीके से जमीन के अंदर भेजना होता है, लेकिन इसकी कमी में वह करंट बाहर आने का रास्ता ढूंढता है. पुरानी वॉशिंग मशीनों में इंसुलेशन खराब होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है. कई बार लोग सोचते हैं कि मशीन तो सालों से चल रही है, कुछ नहीं होगा, लेकिन बिजली का लीकेज अचानक होता है. एक पुरानी मशीन और खराब अर्थिंग, किसी भी पल बड़े हादसे का घर बन सकता है.
अपना और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए कुछ आदतों में बदलाव लाना बेहद जरूरी है. सबसे पहला नियम तो यही है कि जब वॉशिंग मशीन चल रही हो, तब कभी भी बाथरूम का इस्तेमाल न करें. वांशिंग मशीन के बंद होने के बाद ही नहाएं. दूसरा, घर की वायरिंग और अर्थिंग की समय-समय पर किसी प्रोफेशनल इलेक्ट्रिशियन से जांच कराते रहें ताकि किसी भी संभावित खतरे का पहले ही पता चल सके. बाथरूम में RCD (Residual Current Device) या RCCB जैसे डिवाइस लगवाएं, जो करंट लीक होते ही इलेक्ट्रिसिटी के फ्लो को रोक देते हैं. याद रखें, सावधानी ही वह इकलौती ढाल है जो आपको और आपके अपनों को सुरक्षित रख सकती है.
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