नई दिल्ली: आईफोन बनाने वाली कंपनी ऐपल के साथ जारी गतिरोध के बीच भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने ‘डू-नॉट-डिस्टर्ब’ (डीएनडी) जैसी मोबाइल ऐप चलाने के लिए हर मोबाइल हैंडसेट में ‘कॉल लॉग’ और ‘एसएमएस’ तक ऐप की पहुंच को अनिवार्य करने का प्रस्ताव किया है. ऐसा उसने परेशान करने वाली कॉल के अपने प्रस्तावित नियमन में प्रावधान किया है, क्योंकि डीएनडी ऐप चलाने के लिए इन दोनों तक पहुंच होना जरूरी होता है. Also Read - असम के लिए मोदी के संदेश पर कांग्रेस का तंज, कहा- इंटरनेट बंद है, कैसे पढ़ेंगे

ट्राई ने कहा, सभी नेटवर्क प्रदाताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके नेटवर्क पर पंजीकृत सारे डिवाइस डीएनडी सेवाऐं देने वाले ऐप के लिए आवश्यक पहुंच मुहैया कराएं. दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक पसंद नियमन -2018 की धारा छह में यह प्रस्ताव है कि सभी दूरसंचार सेवाप्रदाताओं को परेशान करने वाली कॉल के खिलाफ ग्राहकों की शिकायतों पर कार्रवाई करने का प्रबंध करना होगा. इस तरह की कॉल या एसएमएस के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए उपयोक्ता को उस नंबर, समय और उस कॉल के उद्देश्य की जानकारी उपलब्ध करानी होगी, जिससे वे परेशान हुए. Also Read - गूगल ने कोहली से मांगी माफी, बिना परमिशन के यूजर्स को भेजा वीडियो

ट्राई ने परेशान करने वाले कॉल और एसएमएस से उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एक ऐप पेश किया है. यह ऐप उपभोक्ताओं के कॉल लॉग और एसएमएस बॉक्स से परेशान करने वाले नंबर की पहचान करता है. अत: इसके चलने के लिए कॉल लॉग और एसएमएस तक पहुंच अनिवार्य है. ऐपल एकमात्र कंपनी है जिसने अपने हैंडसेट पर कॉल लॉग या एसएमएस तक पहुंच देने से मना किया है. हालांकि इस बाबत भेजे गये सवालों का एपल ने अभी तक जवाब नहीं दिया है. Also Read - WhatsApp पर भेजा फॉरवर्ड मैसेज, तो ऐसे पकड़े जाएंगे आप

(इनपुट: पीटीआई)