हैकरों ने शनिवार को ट्विटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जैक डोर्सी का अकाउंट हैक कर लिया और उनके अकाउंट से नस्लीय समेत कई भद्दे ट्वीट्स पोस्ट कर दिए। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कंपनी के CEO का अकाउंट हैक हो गया है तो नॉर्मल  यूजर्स का अकाउंट कितना सुरक्षित है। माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ने बाद में कहा कि उसने डोर्सी का अकाउंट सुरक्षित कर दिया है। डोर्सी सिम स्वैपिंग या सिम जैकिंग का शिकार बन गए। इसमें मोबाइल नंबर किसी नए सिम कार्ड पर ट्रांसफर हो जाता है।
डोर्सी के नंबर को रिकवर करते हुए हैकर्स ने उनके ट्विटर अकाउंट पर टैक्स्ट मैसेज के माध्यम से ट्वीट्स कर दिए।चकलिंग स्क्वैड नाम के एक हैकर ग्रुप ने दावा किया कि डोर्सी के ट्विटर अकाउंट पर साइबर हमले के पीछे उसका हाथ था। डोसी के लगभग 40 लाख फॉलोअर्स हैं। ट्विटर ने एक बयान में कहा, “मोबाइल सेवा प्रदाता की सुरक्षा चूक के कारण यह घटना हुई।” कंपनी ने कहा, “इसके कारण एक अनाधिकृत व्यक्ति फोन नंबर से टैक्स्ट के माध्यम से ट्वीट्स लिख और पोस्ट कर सका।

इससे पहले अग्रणी सोशल नेटवर्किं ग साइट फेसबुक और इंटरनेट दिग्गज गूगल के बाद अब ट्विटर ने भी अपने उपयोगकर्ताओं को सरकार प्रायोजित हैकिंग के प्रति सचेत किया है। ट्विटर ने हाल ही में अपने कुछ उपयोगकर्ताओं को चेतावनी जारी की है कि सरकारी हैकरों द्वारा उनके ईमेल, नेटवर्क कनेक्शन और फोन नंबरों को हैक किया जा सकता है।

वहीं हाल ही में फेसबुक और गूगल ने भी इसी तरह की चेतावनी जारी करते हुए अपने उपयोगकर्ताओं को सरकार प्रायोजित हैकिंग से सचेत किया था। फेसबुक ने अक्टूबर में यह चेतावनी जारी की थी और उसके ठीक बाद सरकारी कर्मचारियों के अकाउंट हैक होने की पुष्टि भी की थी।

इनपुट: IANS