नई दिल्ली: यूगांडा ने ‘गपशप’ (गॉसिप) पर अंकुश लगाने और राजस्व उगाहने के उद्देश्य से सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, वाइबर और ट्विटर यूजर्स पर कर लगाने का विवादस्पद फैसला किया है. मीडिया रिपोर्ट्स से यह जानकारी मिली.बीबीसी की गुरुवार देर रात की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘नए उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक के मुताबिक इन सोशल मीडिया मंचों का प्रयोग करने वाले पर प्रत्येक दिन 200 शिलिंग (0.05 डॉलर) की दर से जुर्माना लगेगा. Also Read - कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते Whatsapp ने उठाया बड़ा कदम, अब यूजर्स नहीं कर पाएंगे ये काम

यह कर एक जुलाई से प्रभावी होगा. ‘सोशल मीडिया कानून में बदलाव के लिए पहल करने वाले देश के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने मार्च में कहा था कि सोशल मीडिया फालतू की बातचीत और अफवाहों (गॉसिप) को बढ़ावा देता है.वित्तमंत्री माटिया कासैजा को लिखे पत्र में मुसेवेनी ने जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया से प्राप्त कर से देश में गपशप और अफवाहों (गॉसिपिंग) के दुष्प्रभावों से निपटने में मदद मिलेगी.इसके साथ ही इससे देश के बढ़ते राष्ट्रीय कर्ज को चुकाने में भी मदद मिलेगी. Also Read - Coronavirus: जानलेवा वायरस की दवाई तलाशने के लिए जुकरबर्ग ने दिए 2.5 करोड़ डालर

इसके साथ ही इससे देश के बढ़ते राष्ट्रीय कर्ज को चुकाने में भी मदद मिलेगी.नए कानून में यह प्रावधान भी किया गया है कि मोबाइल से धन के लेन-देन के कुल योग पर भी एक फीसदी कर देना होगा.यूगांडा में 2016 में राष्ट्रपति चुनाव के मौके पर राष्ट्रपति मुसेवेनी ने इस पर रोक लगा दी थी और कहा था कि ‘ऐसा झूठ को फैलने से रोकने के लिए’ किया गया है. Also Read - कोरोना वायरस की टेंशन कम करने के लिए फेसबुक ने उठाया यह बड़ा कदम

(इनपुट: आईएएनएस)