
Satyam Kumar
सत्यम, बिहार से हैं. उन्होंने LS College, मुजफ्फरपुर, बिहार से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया से MA In Media Governance में मास्टर्स किया है. मास्टर्स के साथ ... और पढ़ें
Vibe Coding facts: कई लोग ऐप बनाना चाहते हैं! इसके लिए उनके पास आइडियाज भी होते हैं लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाते हैं, क्योंकि उनके पास प्रोग्राम को कोड करने की एबिलिटी नहीं होती है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. AI इस दूरी को जल्द ही मिटा देगी या यूं कहें कि मिटाती जा रही है. अगर सरप्राइज देने के लिए आपसे कहूं कि आप केवल बोलकर ऐप डिजाइन कर पाएंगे, क्या आपको यकीन होगा? वाइब कोडिंग कुछ ऐसा ही है, जो आपके बोलने से ही मनचाहे ऐप आइडियाज को प्रोग्रामिंग के लिए कोड कर देगी. आइये जानते हैं कि AI कैसे आपको Aura Farming करने में मदद करेगी…
वाइब कोडिंग सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का एक ऐसा नया तरीका है, जहां यूजर को प्रोग्रामिंग कोड लिखने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि उसे बस अपनी वाइब को सिंपल लैंग्वेज में AI को समझाना होता है. वाइब कोडिंग टर्मको 2025 में आंद्रेई कारपैथी (Andrej Karpathy) ने फेमस बनाया, जो टेस्ला के पूर्व AI प्रमुख और ओपनएआई के को-फाउंडर रह चुके हैं. आंद्रेई कारपैथी के अनुसार, अब कोडिंग का मतलब सिंटैक्स रटना नहीं, बल्कि एआई को सही इंस्ट्रक्शन देकर अपना काम निकलवाना है. यह उन लोगों के लिए वरदान है जिनके पास टेक्निकल नॉलेज कम है लेकिन उनके पास बेहतरीन आइडियाज हैं.
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Google के सीईओ सुंदर पिचाई और जोहो (Zoho) के फाउंडर श्रीधर वेंबू जैसे टेक दिग्गज ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने कहा कि वाइब कोडिंग, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के ट्रेडिशनल करियर मॉडल को चेंज कर देगी. जब एआई खुद कोड लिख और उसे ठीक (Debug) कर सकता है, तो प्रोग्रामर्स के लिए इंडस्ट्री में टिके रहना अपने आप में बड़ी चुनौती होगी.
वाइब कोडिंग पूरी तरह से लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) पर बेस्ड है, जो यूजर के इरादे को समझ उसे वर्किंग कोड में बदल देते हैं. जब कोई यूजर अपनी वाइब या जरूरत को प्लेन इंग्लिश में लिखता है, तो एआई तुरंत उसका बैकएंड और फ्रंटएंड तैयार कर देता है. इसमें यूजर को कोड की बारीकियों में उलझने के बजाय केवल आउटपुट की क्वालिटी पर फोकस करना होता है. वहीं, अगर ऐप में कोई कमी दिखती है, तो यूजर फिर से एआई को इंस्ट्रक्ट करके चेंजेस को लागू कर सकता है.
आज कई ऐसे प्लेटफॉर्म मार्केट में अवेलेबल हैं, जो वाइब कोडिंग की सुविधा दे रहे हैं. इनमें गूगल का जेमिनी (Gemini), एंथ्रोपिक का क्लॉड (Claude) और ओपनएआई का जीपीटी (GPT) सबसे फेमस हैं. इसके अलावा रिप्लिट (Replit), कर्सर (Cursor), लवेबल (Lovable) और बोल्ट डॉट न्यू (Bolt.new) जैसे टूल्स भी वाइब कोडिंग के लिए मशहूर हो रहे हैं.
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