Vivo बना रहा है 'मेड इन इंडिया' स्मार्टफोन क्षेत्र में निर्यात करने की योजना, सामने आई महत्वपूर्ण जानकारी

Vivo इस साल 2022 में 'मेड इन इंडिया' स्मार्टफोन में निर्यात करने की प्लानिंग कर रहा है और इसके लिए कंपनी 2023 तक 3,500 करोड़ रुपये का निवेश पूरा करेगी.

Published date india.com Published: February 17, 2022 6:00 PM IST
Vivo India
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Vivo Made in India Smartphone: मोबाइल फोन निर्माता कंपनी Vivo इस साल से ‘मेड इन इंडिया’ स्मार्टफोन का निर्यात शुरू करने की अपनी योजना की घोषणा की है. कंपनी का कहना है कि यह देश के लिए 7,500 करोड़ रुपये की प्रस्तावित विनिर्माण निवेश योजना के हिस्से के रूप में होगा. कंपनी की ओर से अपनी (Made in India Smartphone) विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने के लिए 2023 तक 3,500 करोड़ रुपये के निवेश को पूरा करने की संभावना है.

Vivo ने कहा कि उसका लक्ष्य वार्षिक उत्पादन क्षमता को मौजूदा 5 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ स्मार्टफोन यूनिट करना है और 2022 से निर्यात शुरू करना है. इसके अलावा, Vivo ने कहा कि वह चार्जर और डिस्प्ले जैसे घटकों (कंपोनेंट्स) की स्थानीय सोर्सिग को बढ़ाएगा.

Vivo India में व्यापार रणनीति मामलों के निदेशक पैघम दानिश ने कहा, ‘हम जो कुछ भी करते हैं उपभोक्ता उसके मूल में हैं और उन्हें बेस्ट-इन-क्लास प्रीमियम अनुभव प्रदान कराना हमारी प्राथमिकता है. यह भारत में सात वर्षों की एक समृद्ध यात्रा रही है और पूरे भारत में लाखों उपभोक्ताओं द्वारा प्यार की बौछार करना भी खुशी की बात है.’

उन्होंने कहा, ‘एक ब्रांड के रूप में, हमारा लक्ष्य अपने व्यापार पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए नई ऊंचाइयों तक पहुंचना और विस्तार करना है। भारत में अपने परिचालन को बढ़ाना उस दिशा में एक कदम है.’ कंपनी का लक्ष्य भविष्य में देश में विनिर्माण क्षमता को सालाना 12 करोड़ यूनिट तक बढ़ाने का है.

भारत और उसके लोगों के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करने के लिए वीवो स्थानीय सोर्सिग में निवेश करने और 2022 के अंत तक भारत से निर्यात शुरू करने की योजना बना रहा है. कंपनी ने बुधवार को अपनी पहली ‘इंडिया इम्पैक्ट रिपोर्ट 2021’ जारी की. रिपोर्ट के अनुसार, वीवो लगभग 1.4 लाख भारतीयों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्रदान करता है.

रिपोर्ट के अनुसार, ‘इसने 16 लाख भारतीयों के जीवन पर सामाजिक-आर्थिक प्रभाव डाला है. इसके अलावा, कंपनी ने औसत बिक्री मूल्य (एएसपी) में 20 प्रतिशत की वृद्धि प्रदान करके अपने खुदरा भागीदारों पर एक निश्चित प्रभाव डाला है, जिसके परिणामस्वरूप प्रति माह खुदरा विक्रेता के औसत बिक्री मूल्य में 2.5 गुना वृद्धि हुई है.’

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रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कैसे कंपनी ने 1,000 से अधिक वितरकों का एक मजबूत वितरण (डिस्ट्रीब्यूशन) बनाया है, जिनमें से 98 प्रतिशत भारतीय हैं. Vivo ने कहा कि वह अपने मास्टर वितरकों के माध्यम से 6,000 से अधिक रोजगार के अवसर भी पैदा करता है. 2014 में अपने प्रवेश के बाद से, वीवो ने भारतीय स्मार्टफोन बाजार में एक स्थिर दौड़ या रेस देखी है। जीएफके के आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में इसकी 25 फीसदी बाजार हिस्सेदारी (मेनलाइन रिटेल में) थी, जिसने मेनलाइन रिटेल में अपनी पकड़ बनाए रखी.

कंपनी का लक्ष्य 2024 तक चार्जर स्थानीयकरण (लोकलाइजेशन) को मौजूदा 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करना है और 2023 तक स्थानीय स्तर पर 65 प्रतिशत डिस्प्ले प्राप्त करने की योजना है. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्तावित 7,500 करोड़ रुपये के निवेश से लगभग 40,000 भारतीय रोजगार प्राप्त कर सकेंगे. इस समय देश में 70,000 खुदरा विक्रेता और 30,000 से अधिक वीवो ब्रांड एंबेसडर हैं.

आईएएनएस

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