Vodafone-Idea ने भारत में अगले महीने से अपने मोबाइल टैरिफ में बढ़ोतरी करेगी। इस बात का ऐलान कंपनी ने सोमवार को किया है। कंपनी ने यह निर्णय टेलीकॉम सेक्टर में वित्तीय संकट के चलते लिया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम डिपार्टमेंट की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए टेलीकॉम कंपनियों को जल्द से जल्द AGR (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) का भुगतान करने के निर्देश दिए थे। टेलीकॉम कंपनियों को लाइसेंस और स्पेक्ट्रम फी के लिए यह भुगतान करना होता है। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया ने इसका भुगतान किया था जिसके चलते कंपनी का घाटा बढ़ गया है।

वोडाफोन आइडिया की ओर से जारी किए बयान में कंपनी ने बताया कि वह 1 दिसंबर 2019 से अपने टैरिफ के दाम बढ़ाएंगी। हालांकि टेलीकॉम कंपनी ने फिलहाल इस बात की जानकारी नहीं दी हैं कि वह टैरिफ की कीमतों में कितना इजाफा करेगी। कंपनी का यह भी कहना था कि टेलीकॉम सेक्टर में समय के साथ नई-नई टेक्नोलॉजी आती है जिसके लिए लगातार निवेश की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि कंपनी को अपने टैरिफ बढ़ाने की जरूरत है। इतना ही नहीं भारत में डिजिटल इंडिया के बढ़ावा देने के लिए टेलीकॉम सेक्टर को व्यवहारिक बनाए रखना चाहिए।

इसके साथ ही कंपनी ने अपने बयान में यह भी कहा है कि देश में टेलीकॉम सेक्टर में गंभीर वित्तीय संकट चल रहा जिसे सभी हितधारकों ने माना है। इसके साथ ही कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति टेलीकॉम कंपनियों को उचित राहत देने पर विचार कर रही है।’

रिपोर्टस के मुताबिक, वोडाफोन आइडिया और एयरटेल को इस साल की तीसरी तिमाही तक 74,000 करोड़ रुपये घाटा हुआ है। इसमें वोडाफोन आइडिया को 50,921 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है जो भारत में किसी कॉर्पोरेट कंपनी को हुआ अब तक का सबसे बड़ा घाटा है। इस दौरान एयरटेल को 23,045 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।