नई दिल्ली: मैसेजिंग एप व्हाट्सएप ने अपने 1.5 अरब यूजर्स को ‘स्पाइवेयर के खतरे’ से बचने के लिए एप को अपडेट करने का आग्रह किया है. व्हाट्सएप में सुरक्षा खामी की वजह से हैकरों के उपयोक्ताओं के फोन में स्पाईवेयर (जासूसी करने वाला सॉफ्टवेयर) डालने की बात सामने आयी है. इस के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है. फेसबुक की स्वामित्व वाली कंपनी ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में इस खामी का पता लगाया गया था और तुरंत इसे ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया था. यह खामी हैकर को मोबाइल में कोड डालने और उसके निष्पादन में मदद करती है. कंपनी ने हमले को नाकाम करने के लिए अपने बुनियादी ढांचे में बदलाव किया है.

व्हाट्सएप ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि हमले में निजी कंपनी के हाथ होने के संकेत हैं. यह कंपनी कथित तौर पर सरकारों को स्पाईवेयर की आपूर्ति करती है. यह स्पाईवेयर मोबाइल ऑपरेटिंग के कामकाज को प्रभावित करता है. व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने ई-मेल के जरिए बयान में कहा, “व्हाट्सएप लोगों को एप का नया संस्करण अद्यतन करने और मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम अपग्रेड करने के लिए कह रहा है ताकि मोबाइल उपकरणों में संग्रहीत जानकारी को संभावित हमलों से बचाया जा सके. कंपनी ने स्पाईवेयर से प्रभावित उपयोगकर्ता की संख्या के बारे में नहीं बताया है.

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खबरों के मुताबिक, इस स्पाईवेयर को कथित तौर पर इजरायली साइबर इंटेलीजेंस कंपनी एनएसओ ग्रुप ने बनाया है. व्हाट्सएप की यह खामी हैकरों को व्हाट्सएप वॉयस कॉल के माध्यम से कॉल करके मोबाइल में स्पाईवेयर डालने की अनुमति देता है. चाहे आप कॉल उठाएं या नहीं. कंपनी ने कहा कि उसने इस मामले में जांच शुरू की है और जांच में मदद करने के लिए अमेरिकी एजेंसियों को भी जानकारियां दी हैं.