WhatsApp ने भारत में बंद किए 9 हजार से ज्यादा अकाउंट, भूलकर भी ना करें ये गलती नहीं तो हो जाएंगे ब्लॉक

WhatsApp ने भारत में डिजिटल अरेस्ट स्कैम से जुड़े हजारों अकाउंट बंद किए. सरकार और एजेंसियां मिलकर नए नियम और सुरक्षा उपाय ला रही हैं ताकि यूजर्स सुरक्षित रहें.

Written by: Rishabh Kumar Edited by: Rishabh Kumar
Published: April 28, 2026, 10:55 PM IST

Whatsapp Scam: भारत में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को देखते हुए WhatsApp ने बड़ा कदम उठाया है. जनवरी 2026 से शुरू हुए 12 हफ्तों में कंपनी ने 9,400 से ज्यादा अकाउंट बंद कर दिए. ये अकाउंट “डिजिटल अरेस्ट” जैसे स्कैम में शामिल थे. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ये कार्रवाई अलग-अलग एजेंसियों के साथ मिलकर की गई. WhatsApp अब ऐसे फ्रॉड को पकड़ने के लिए नए टूल भी इस्तेमाल कर रहा है, जिससे आगे ऐसे मामलों को जल्दी रोका जा सके.

ऐसे काम करता था ये स्कैम

इस स्कैम में ठग खुद को पुलिस या सरकारी अफसर बताकर लोगों को डराते थे. वो अपने नाम “Delhi Police”, “CBI” या “Mumbai HQ” जैसा रखते थे ताकि सामने वाला भरोसा कर ले. इतना ही नहीं, ये लोग असली जैसे दिखने वाले लोगो और प्रोफाइल फोटो का भी इस्तेमाल करते थे. फिर लोगों को कॉल या मैसेज करके पैसे मांगते थे. कई लोग डर के कारण पैसे भेज भी देते थे.

WhatsApp के नए सुरक्षा फीचर्स

WhatsApp अब ऐसे फ्रॉड रोकने के लिए नए फीचर्स ला रहा है. अगर कोई अनजान नंबर से पहली बार मैसेज करेगा, तो आपको चेतावनी दिखेगी. अब आप ये भी देख पाएंगे कि उस अकाउंट को बने कितना समय हुआ है. इसके अलावा, रिस्की चैट में प्रोफाइल फोटो छिपाई जा सकती है और अनजान कॉल्स के बारे में ज्यादा जानकारी मिलेगी. कंपनी ने यह भी कहा कि उसने एक सिस्टम बनाया है जो बार-बार फ्रॉड करने वालों को पहचान लेता है.

विदेश से भी चल रहा था नेटवर्क

जांच में पता चला कि कई अकाउंट भारत के बाहर से चल रहे थे. खासकर दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों जैसे कंबोडिया से ये स्कैम ऑपरेट हो रहे थे. सरकार की एजेंसियों ने करीब 3,800 अकाउंट की जानकारी दी थी, लेकिन WhatsApp ने अपने सिस्टम की मदद से इससे कहीं ज्यादा अकाउंट बंद किए. कंपनी का कहना है कि सिर्फ अकाउंट हटाना काफी नहीं है, क्योंकि ये गैंग दूसरे प्लेटफॉर्म और पेमेंट सिस्टम का भी इस्तेमाल करते हैं.

सरकार ला रही है नए सख्त नियम

इस बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार भी एक्शन में है. सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट दी गई है जिसमें कई नए कदम सुझाए गए हैं. अब सिम कार्ड लेने के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पर जोर दिया जा रहा है. साथ ही, फर्जी सिम को जल्दी ब्लॉक करने और बैंक अकाउंट पर नजर रखने की भी योजना है. टेलीकॉम कंपनियों और एजेंट्स को भी कहा गया है कि वे जांच में पूरा सहयोग करें. कुल मिलाकर, सरकार और कंपनियां मिलकर कोशिश कर रही हैं कि ऑनलाइन फ्रॉड को कम किया जाए और यूजर्स को ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सके.

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