नई दिल्ली: देश में फर्जी खबरें और अफवाहें फैलने के बाद सामने आईं हत्या की घटनाओं के कारण आलोचना झेल रहे व्हॉट्सएप ने बड़ा कदम उठाने का निर्णय किया है. व्हॉट्सएप ने शुक्रवार को संदेश भेजने (फॉरवर्ड) की सीमा को एक बार में पांच चैट के लिए सीमित करने समेत देश में अपनी सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की. बता दें कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर भ्रामक और फर्जी खबरें प्रसारित होने के बाद व्हॉट्सएप को भारत सरकार की ओर से तीखी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा था. सरकार ने इस तरह की खबरों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा था. Also Read - कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते Whatsapp ने उठाया बड़ा कदम, अब यूजर्स नहीं कर पाएंगे ये काम

व्हॉट्सएप ने ब्लॉग में कहा कि कंपनी का मानना है कि ये बदलाव उसे एक निजी संदेशवाहक (मैसेजिंग) एप के रूप में बनाए रखने में मदद करेंगे, जिस काम के लिए इसे डिजाइन किया गया था. उसने कहा, ”हमने व्हॉट्सएप को निजी संदेशवाहक के तौर पर बनाया है, जो कि अपने परिवार और दोस्तों के साथ जुड़ने का सरल, सुरक्षित और विश्वसनीय तरीका है. इसलिए हमने नए फीचर्स को जोड़ा है. हम आपकी सुरक्षा और निजता को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और हम अपने एप को बेहतर बनाए रखने का कार्य जारी रखेंगे. Also Read - JNU हिंसा: HC ने CCTV फुटेज पर दिल्‍ली पुलिस, वॉट्सऐप और गूगल से जवाब मांगा

व्हॉट्सएप ने बयान में कहा कि वह एप पर संदेश भेजने की सीमा को निर्धारित करने के लिए परीक्षण शुरू कर रही है. इसके अलावा उसने कहा कि वह मीडिया संदेशों के बगल में दिखाई देने पर वाले क्विक फारवर्ड बटन को भी हटाएगा. Also Read - राजस्‍थान में 2 घंटे पहले व्हाट्सएप पर पेपर लीक, लाइब्रेरियन के 700 पदों के लिए भर्ती परीक्षा निरस्‍त

व्हॉट्सएप ने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि भारत में उसके उपयोगकर्ता अन्य देशों के उपयोगकर्ताओं की तुलना में अधिक संदेश, तस्वीर और वीडियो भेजते हैं. आज हम संदेश भेजने की सीमा को निर्धारित करने के लिए एक परीक्षण शुरू कर रहे हैं. यह व्हॉट्सएप के हर उपयोगकर्ता पर लागू होगा. भारत में हम संदेश को एक बार में पांच चैट के लिए सीमित करने का भी परीक्षण करेंगे और मीडिया संदेश के बगल में दिखाई देने पर वाले बटन को भी हटाएंगे.

सरकार ने गुरुवार को ही व्हॉट्सएप को दूसरा नोटिस भेजकर फर्जी और भ्रामक संदेशों के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी समाधान करने को कहा है. सरकार ने कंपनी को चेतावनी दी है कि अफवाहों के प्रसार में माध्यम बनने वाले भी दोषी माने जाएंगे और मूक दर्शक बने रहने पर उन्हें भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. हालाकि, कंपनी ने इस नोटिस पर अब तक जवाब नहीं दिया है.   (इनपुुुट- इंंडिया)