पासवर्ड बदलने के बाद भी नहीं सुरक्षित है आपका WiFi, अगर नहीं ऑफ की ये सेटिंग तो बन सकते हैं स्कैमर्स के शिकार

Wifi Security: हम में से कई लोगों का मानना होता है अगर उन्होंने अपने WiFi का पासवर्ड स्ट्रांग रखा है, तो उनका इंटरनेट पूरी तरह से सुरक्षित है लेकिन ऐसा नहीं है. इस स्टोरी में हम आपको इसी के बारे में बता रहे हैं.

Published date india.com Published: January 4, 2026 9:29 PM IST
wifi security
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Wifi Hacking: हम में से कई लोगों का मानना होता है की लोग मानते हैं कि अगर उन्होंने अपने WiFi का पासवर्ड मजबूत रख लिया है, तो उनका इंटरनेट पूरी तरह सुरक्षित है. लेकिन सच्चाई यह है कि सिर्फ पासवर्ड बदलना ही काफी नहीं होता. आपके WiFi राउटर में कुछ ऐसी सेटिंग्स होती हैं, जो अगर चालू रहीं तो मजबूत से मजबूत पासवर्ड भी बेकार हो सकता है. इन्हीं में से एक सेटिंग है WPS यानी WiFi Protected Setup. यह सुविधा कई राउटर में पहले से चालू रहती है और यूजर को इसकी जानकारी भी नहीं होती. हैकर्स इसी का फायदा उठाकर बिना पासवर्ड जाने आपके नेटवर्क में घुस सकते हैं.

क्या है WiFi Protected Setup ?

WPS एक ऐसी सुविधा है, जिसे WiFi से नए डिवाइस जोड़ना आसान बनाने के लिए बनाया गया था. आमतौर पर स्मार्ट टीवी, प्रिंटर या दूसरे स्मार्ट डिवाइस में लंबा पासवर्ड टाइप करना मुश्किल होता है. WPS में या तो राउटर पर मौजूद बटन दबाना होता है या फिर एक 8 अंकों का पिन डालना होता है. इसके बाद कुछ ही सेकंड में डिवाइस WiFi से कनेक्ट हो जाता है. शुरुआत में यह फीचर काफी उपयोगी माना गया, लेकिन समय के साथ इसकी कमजोरियां सामने आने लगीं.

हैकर्स का हथियार

WPS की सबसे बड़ी कमजोरी इसका पिन सिस्टम है. 8 अंकों का यह पिन दो हिस्सों में जांचा जाता है, जिससे इसे तोड़ना आसान हो जाता है. कई राउटर बार-बार गलत पिन डालने पर लॉक भी नहीं होते, जिससे हैकर को बार-बार कोशिश करने का मौका मिल जाता है. एक बार WPS पिन टूट गया, तो हैकर को आपका पूरा WiFi पासवर्ड मिल जाता है, चाहे वह कितना भी मजबूत क्यों न हो. यहां तक कि WPA2 और WPA3 जैसी आधुनिक सुरक्षा भी WPS के सामने बेअसर हो जाती हैं. इसका मतलब साफ है कि WPS चालू होने पर आपका नेटवर्क हमेशा खतरे में रहता है, चाहे आपने कितनी भी सावधानी क्योंबरती हो.

WPS बंद क्यों करना चाहिए बंद?

आज के समय में तकनीकी विशेषज्ञों की राय है कि WPS को पूरी तरह बंद कर देना चाहिए. नए राउटर में कंपनियां अब इस फीचर को या तो बंद करके दे रही हैं या पूरी तरह हटा रही हैं, लेकिन पुराने या सस्ते राउटर में यह अभी भी चालू मिल सकता है. इसलिए जरूरी है कि आप अपने राउटर की सेटिंग में जाकर WPS को मैन्युअली बंद करें. नए डिवाइस जोड़ने के लिए अब सुरक्षित तरीके मौजूद हैं, जैसे पासवर्ड या QR कोड.

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