श्याओमी ने हाल ही में रेडमी नोट 5 और रेडमी नोट 5 प्रो लॉन्च किया था जिसके बाद से अब तक भारत में इनकी बिक्री के लिए कुल 3 सेल आयोजित की जा चुकी हैं. सेल स्टार्ट होने के कुछ ही सेकेंड में ये फोन आउट ऑफ स्टॉक हो रहे हैं और दूसरी ओर यह समस्या कंपनी के लिए भी एक चुनौती बनती जा रही है. दरअसल, यह चुनौती शाओमी को किसी कंपनी से नहीं, बल्कि उसी के फोन को दोबारा बेचने वालों (रीसेलर) से मिल रही है. ऐसा पहली बार नही है क्योंकि इससे पहले भी इस तरह की कई घटनाएं सामने आती रही हैं जब शुरुआत में श्याओमी के फोन सिर्फ ऑनलाइन ही उपलब्ध होते थे उस समय भी कई दुकानों पर यह महंगे दामों पर बेचे जा रहे थे. Also Read - 150MP कैमरा के साथ स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी में है यह दिग्गज कंपनी, कीमत जानकर हो जाएंगे हैरान

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लोग स्क्रिप्ट (कोडिंग) और कई अन्य तरीकों से फोन बुक कर लेते हैं और फिर खरीदकर फोन को अधिक दाम के साथ बेचते हैं. रीसेलिंग से बचने के लिए कंपनी ने मंगलवार को रेडमी नोट 5 प्रो पर ‘कैश ऑन डिलीवरी’ विकल्प खत्म कर दिया. फ्लिपकार्ट और मी.कॉम पर शुरुआती सेल में रेडमी नोट 5 प्रो को कैश ऑन डिलीवरी पेमेंट का विकल्प चुनकर नहीं खरीदा जा सकेगा.

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असली खरीददार को नहीं मिलता फोन

दोबारा बेचने के लिए कुछ लोग फोन ऑर्डर कर देते हैं और अगर वे इन्हें रीसेल नहीं कर पाते, तो ऑर्डर कैंसल कर देते हैं. कुछ लोगों के ऐसा करने से जरूरतमंद ग्राहकों तक फोन पहुंच नहीं पाते और मिलते भी हैं तो महंगी कीमत पर, जिससे यूज़र निराश होता है. तकनीक के कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि अगर कंपनी ‘ऐप ऑन्ली’ का विकल्प दे दे, तो इस स्थिति से बचा जा सकता है. जो लोग कोडिंग के ज़रिए फोन बुक कर लेते हैं, उन पर भी इस विकल्प के ज़रिए लगाम लगेगी.

कंपनी ने मी कम्युनिटी फोरम पर एक बयान जारी कर कहा कि हमने अपने सभी माध्यमों पर होने वाली अनाधिकृत पुनर्बिक्री की भर्त्सना करते हैं. इस पर लगाम लगाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं. आने वाले परिणाम बताएंगे कि कंपनी की तरफ से उठाया गया कदम कितना कारगर सबित हुआ.