World Blood Donor Day News

World Blood Donor Day 2024: कैंसर के मरीज कर सकते हैं रक्तदान? जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर

Shweta Bajpai June 14, 2024 3:10 PM IST

ब्लड डोनेट करना सराहनीय काम है, ऐसे में अक्सर ये सवाल उठता है कि क्या कैंसर के मरीज ब्लड डोनेट कर सकते हैं? आइए डॉक्टर से जानते हैं.

World Blood Donor Day 2024: कौन कर सकता है रक्तदान कौन नहीं? जानें कितने दिन में होती है रिकवरी

Shweta Bajpai June 14, 2024 7:46 AM IST

रक्त दान को महा दान भी माना जाता है, हालांकि आज भी लोग इसे देने से कतराते हैं. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि किन लोगों को ब्लड डोनेट करना चाहिए किन्हें नहीं.

World Blood Donor Day: कौन कर सकता है ब्लड डोनेट और कौन नहीं, क्या आपको है पता?

Shweta Bajpai June 14, 2023 8:00 AM IST

रक्तदान को महादान भी कहा जाता है. रक्तदान कर हम किसी की जिंदगी को बचा सकते हैं. हालांकि रक्तदान के समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

World Blood Donor Day 2022: 'विश्व रक्तदान दिवस' क्यों मनाया जाता है? जानें इस साल की थीम

Garima Garg June 15, 2022 8:43 AM IST

World Blood Donor Day 2022: हर साल विश्व रक्तदान दिवस 14 जून को मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का मकसद लोगों को रक्तदान के बारे में बताना और उसके फायदों से अवगत कराना है. ऐसे में जानते हैं रक्तदान से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में...

World Blood Donor Day 2022: रक्तदान के बाद खाएं ये चीजें, नहीं होगी कमजोरी और थकान

Garima Garg June 15, 2022 8:43 AM IST

World Blood Donor Day 2022: रक्तदान करने के बाद अकसर लोगों को थकान महसूस होती है. ऐसे में लोगों को उन चीजों का सेवन करने की सलाह दी जाती है जो न केवल थकान को दूर कर सकें बल्कि जिनके अंदर आयरन पाया जाता हो.

World Blood Donor Day 2021: हर साल क्यों मनाया जाता है 'वर्ल्ड डोनर डे', यहां जानें इससे जुड़े तथ्य

India.com Hindi News Desk June 13, 2021 2:47 PM IST

विश्व रक्तदान दिवस के मौके पर आज हम आपको ब्लड डोनेशन से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं.

World Blood Donor Day 2020: सुरक्षित रक्तदान बचा सकता है कई जिंदगियां, जानिए ब्लड डोनेट करना कितना है कारगर

India.com Hindi News Desk June 14, 2020 12:18 AM IST

World Blood Donor Day 2020: कोरोना वायरस वैश्विक महामारी खत्म होने के बाद भारत को बीमारी के प्रसार को बचाने के लिए बेहतर जांच अभ्यासों को अपनाना होगा क्योंकि यह विश्व में थेलेसीमिया से सबसे अधिक प्रभावित देशों में से एक है.

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