भारत किलों का देश है. यहां कई बड़े-बड़े किले हैं जिन्हें देखने के लिए देश और विदेश से टूरिस्ट आते हैं. राजा-महाराजाओं द्वारा बनाए गए ये किले अब खंडहर हो चुके हैं, लेकिन अपना स्वर्णिम इतिहास बयां करते हैं. कई किले तो ऐसे हैं, जो यूनेस्को के वर्ल्ड हैरिटेज में शामिल है. हर किले की अपनी एक कहानी है और रहस्य भी. ऐसा ही एक किला है गोलकोंडा किला जो तेलंगाना में है. इस किले को देखने के लिए काफी तादाद में टूरिस्ट पहुंचते हैं. इस किले से करीब नौ किलोमीटर की दूरी पर सबसे बड़ी मानव निर्मित झील हुसैन सागर झील है. यह किला कई सौ साल पुराना है, और यहां अब रोज लाइट एंड साउंड शो होता है, जिसे दर्शक देखते हैं. इस किले का निर्माण 14वीं शताब्दी में हुआ था.
इसे भी पढ़ें-इस वीकएंड करें ऊटी की सैर, जानिए यहां के बारे में 10 बातें
इस किले का निर्माण सबसे पहले महाराजा वारंगल ने 14वीं शताब्दी में करवाया था. बाद में रानी रुद्रमा देवी और उनके पिताजी प्रतापरुद्र ने किले को सुदृढ़ीकरण करके इसका पुनर्निर्माण करवाया. काकतिया राजवंश के बाद में किले पर मुसुनुरी नायक ने हमला करके अपना आधिपत्य जमाया था. 1512 ई. के वक्त से कुतुबशाही राजाओं ने अपना अधिकार स्थापित करके किले का नाम मुहम्मदनगर कर दिया था. इस किले के निर्माण को लेकर कहा जाता है कि एक चरवाहे लड़के को पहाड़ी पर एक मूर्ति मिली. जब तत्कालीन शासक काकतिया को इसकी सूचना मिली तो उन्होंने इसे पवित्र स्थान मानकर चारों ओर मिट्टी का एक किला बनवा दिया.
इसे भी पढ़ें-प्रकृति से है प्यार तो एक बार जरूर जाएं मुन्नार, घूमिए यहां का रोज गार्डन
यह किला समुद्र तल से 480 फीट की ऊंचाई पर बना है. इस किले में कुल आठ दरवाजें हैं. फतेह दरवाजा किले का मुख्य द्वार है. किले में एक रहस्यमयी सुरंग है जो महल के बाहरी भाग तक ले जाती है. कहा जाता है की संकट के वक्त शाही परिवार इसी सुंरग का इस्तेमाल करता था. हालांकि वर्तमान में किले के खंडहर होने के कारण यह सुरंग दिखाई नहीं देती है. इस किले में लाइट एंड साउंड शो के कार्यक्रम होते हैं. यह किला 9 बजे से लेकर 530 बजे तक खुला रहता है. यहां लाइट एंड साउंड शो अंग्रेजी, तेलगु और हिंदी भाषा में होता है. अगर आपने यह किला नहीं देखा है तो आप यहां की सैर कर सकते हैं.
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.