Gujarat Tourist Places: गुजरात में सैलानियों के घूमने के लिए बहुत-सी जगहें हैं. यहां का इतिहास हड़प्पा संस्कृति से भी पहले से शुरू होता है. यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, दादाभाई नौरोजी, सरदार वल्लभभाई पटेल और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि है. आजादी के बाद 1 मई 1960 को गुजरात अलग राज्य बना. यहां देश के कोने-कोने से सैलानी आते हैं और यहां की संस्कृति, परिवेश और पर्यटन स्थलों से रूबरू होते हैं. आइये गुजरात के 3 प्रसिद्ध जगहों के बारे में जानते हैं.
गुजरात में हर किसी को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जरूर देखना चाहिए. सरदार पटेल की यह ऊंची प्रतिमा केवड़िया में है. नर्मदा जिले में स्थित केवड़िया में यह लौह पुरुष सरदार पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है. इस मूर्ति की लंबाई 182 मीटर (597 फीट) है. इसके बाद विश्व की दूसरी सबसे ऊंची मूर्ति चीन में स्प्रिंग टैम्पल बुद्ध है. जिसकी कुल ऊंचाई 153 मीटर (502 फीट) है.
अगर आप गुजरात जा रहे हैं, तो यहां का चंपानेर– पावागढ़ पुरातत्व उद्यान जरूर देखिये. यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया हुआ है. यह उद्यान पंचमहल जिले में स्थित है. पावागढ़ की पहाड़ी लाल–पीले रंग के चट्टानों से बनी है. यह पहाड़ समुद्र तल से करीब 800 मीटर ऊंचा है. चंपानेर– पावागढ़ में ग्यारह विभिन्न प्रकार के भवन हैं. जिनमें मस्जिद, मंदिर, अनाज के भंडार, कब्र, कुएं, दीवारें और बरामदे हैं.
मोढेरा सूर्य मंदिर गुजरात के पाटन नामक स्थान से 30 किलोमीटर दूर है. यह मोढेरा गांव में है. यह सूर्य मंदिर स्थापत्य और शिल्प कला का बेजोड़ नमूना है. ईरानी शैली में बने इस मंदिर को सोलंकी वंश के राजा भीमदेव प्रथम ने 1026 ई.में दो हिस्सों में बनवाया था. पहला हिस्सा गर्भगृह का और दूसरा सभामंडप है. सूर्योदय होने पर सूर्य की पहली किरण इस मंदिर के गर्भगृह को रोशन करती है. यहां एक विशाल कुंड है जो सूर्यकुंड या रामकुंड के नाम से मशहूर है.
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.