घूमिये राजस्थान का वो गांव जो 200 साल पहले हो गया था खाली, रहस्य से भरी हुई है यहां की कहानी

अगर आप रहस्यमय जगहों को देखना चाहते हैं और वहां की सैर करना चाहते हैं तो राजस्थान स्थित कुलधरा गांव जरूर जाइये. इस गांव के खंडहर यहां की कहानी को बयां करते हैं. कुलधरा गांव को यहां के निवासियों ने 197 साल पहले अचानक एक रात अचानक खाली कर दिया था.

Published date india.com Published: May 25, 2022 12:18 PM IST
घूमिये राजस्थान का वो गांव जो 200 साल पहले हो गया था खाली, रहस्य से भरी हुई है यहां की कहानी

अगर आप रहस्यमय जगहों को देखना चाहते हैं और वहां की सैर करना चाहते हैं तो राजस्थान स्थित कुलधरा गांव जरूर जाइये. इस गांव के खंडहर यहां की कहानी को बयां करते हैं. कुलधरा गांव को यहां के निवासियों ने 197 साल पहले अचानक एक रात अचानक खाली कर दिया था. जिसके बाद से उनके घरों के खंडहर सालों से इस गांव की डरावनी, रहस्यमय और शापित कहानी को बयां कर रहे हैं.

वैसे तो भारत में ऐसी कई जगहें हैं जिनके भूतिया होने के किस्से प्रचलित हैं और जिनको देखने के लिए सैलानी भी जाते हैं. लेकिन उसके लिए सैलानियों का मिजाज वैसा होना चाहिए. कई टूरिस्टों को ऐसी जगहों में घूमने में आनंद आता है, जहां की कहानियां अपने आप में रहस्य को समेटे हुए हो और जिन्हें एक तरह से घोस्ट प्लेसिस कहा जाए! आइए जानते हैं कहां है कुलधरा और क्या है इस गांव की कहानी जो सालों से सुनाई और बताई जा रही है.

क्या है कुलधरा की कहानी?

राजस्थान का कुलधरा गांव किसी जमाने में अन्य गांवों की तरह ही खुशहाल और खूबसूरत था. पर अब यहां घरों के खंडहर जर्जर हालात में हैं और कहा जाता है कि यहां भूतिया घटनाएं होती हैं. लेकिन 197 साल पहले यहां पालीवाल ब्राह्मण काफी संख्या में रहते थे.  1825 में एक दिन अचानक पालीवाल ब्राह्मणों ने यह गांव खाली कर दिया. जिसे लेकर अलग-अलग कहानी बयां की जाती है.

यह कहा जाता है कि इस गांव को खाली करते वक्त पालीवाल ब्राह्मणों ने श्राप दिया कि जो कोई भी इस गांव में बसने की कोशिश करेगा वो बर्बाद हो जाएगा. तब से यह गांव खाली पड़ा है. इस गांव को पालीवाल ब्राह्मणों ने 1291 में बसाया था. उस वक्त यह गांव काफी समृद्ध था.

गांव के खाली होने को लेकर प्रचलित कहानियां

इस गांव के खाली होने को लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं. जिनमें से एक मान्यता है कि यहां की रियासत के दीवान सालेम सिंह इस गांव के एक ब्राह्मण की पुत्री शक्ति मैया से शादी करना चाहता था. उसने गांव को धमकी दी थी कि अगर शक्ति मैया से उसकी शादी नहीं कराई गई तो वह गांव को तहस-नहस कर देगा. जिसके बाद इस गांव के निवासियों ने यह गांव छोड़ने का निर्णय लिया क्योंकि वो किसी अन्य बिरादरी में शक्ति मैया की शादी नहीं कराना चाहते थे.

कहा जाता है कि गांव खाली करते वक्त उन ब्राह्मणों ने श्राप दिया कि जो भी इस गांव में बसेगा वो बर्बाद हो जाएगा. वहीं,  दूसरी कहानियों के मुताबिक इस गांव में सूखा पड़ गया था और जल स्तर काफी नीचे चले गया था जिसके बाद यहां के निवासियों ने इस खाली कर दिया और किसी अन्य जगह पर बस गये.  एक अन्य कहानी कहती है कि सालेम सिंह के अत्यधिक कर वसूलने के कारण निवासियों ने यह गांव खाली कर दिया था. अब इन मान्यताओं और कहानियों में से सच क्या है यह तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन यहां मौजूद खंडहर टूरिस्टों को इस गांव की तरफ और यहां की रहस्यभरी कहानी से जरूर जोड़ देते हैं.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Travel की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.