Rishikesh Hill Station: इन जगहों की सैर के बिना अधूरा है ऋषिकेश का सफर!

ऋषिकेश योग नगरी है. यह हिल स्टेशन युवाओं के बीच काफी पॉपुलर है. यहां आप राफ्टिंग का आनंद ले सकते हैं और गंगा नदी के किनारे योग कर सकते हैं. टूरिस्ट यहां मैगी प्वाइंट की सैर कर सकते हैं.

Published date india.com Published: February 2, 2025 2:15 PM IST
Rishikesh Hill Station: इन जगहों की सैर के बिना अधूरा है ऋषिकेश का सफर!

Rishikesh Hill Station: ऋषिकेश हिल स्टेशन बेहद सुंदर है. देश और दुनियाभर से टूरिस्ट इस हिल स्टेशन की सैर पर जाते हैं. इस हिल स्टेशन में टूरिस्ट गंगा आरती देख सकते हैं और विभिन्न मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं. ऋषिकेश को योग नगरी कहा जाता है. यह हिल स्टेशन दिल्ली-एनसीआर से नजदीक है और टूरिस्ट यहां 5 घंटे में आसानी से पहुंच जाते हैं. दिल्ली से ऋषिकेश की दूरी 233 किलोमीटर है. आइए इस हिल स्टेशन के बारे में ज्यादा जानते हैं और यह भी जानते हैं कि किन जगहों की सैर के बिना ऋषिकेश ट्रिप अधूरी है.

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त्रिवेणी घाट के बिना अधूरी है ऋषिकेश यात्रा

ऋषिकेश योग नगरी है. यह हिल स्टेशन युवाओं के बीच काफी पॉपुलर है. यहां आप राफ्टिंग का आनंद ले सकते हैं और गंगा नदी के किनारे योग कर सकते हैं. टूरिस्ट यहां मैगी प्वाइंट की सैर कर सकते हैं. टूरिस्ट ऋषिकेश में बंजी जंपिंग, राफ्टिंग और कैपिंग से लेकर कई एडवेंचर एक्टिविटी कर सकते हैं. ऋषिकेश के ही बगल में हरिद्वार है जहां आप गंगा आरती में भाग ले सकते हैं और गंगा किनारे अध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति कर सकते हैं. अगर आप  त्रिवेणी घाट नहीं घूमते है तो समझिये आपकी ऋषिकेश की यात्रा अधूरी है. यह वह जगह है जहां गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों का मिलन होता है. यहां हर शाम होने वाली गंगा आरती एक दिव्य अनुभव प्रदान करती है.

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त्र्यंबकेश्वर मंदिर और वरिष्ठ गुफा जरूर घूमें

अगर आप ऋषिकेश जा रहे हैं तो त्र्यंबकेश्वर मंदिर और वशिष्ठ गुफा आश्रम की सैर जरूर करें. प्राचीन त्र्यंबकेश्वर मंदिर   भगवान शिव को समर्पित है. यह मंदिर अपने आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए प्रसिद्ध है. यहां आने वाले श्रद्धालु विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं.  वशिष्ठ गुफा आश्रम बेहद प्रसिद्ध है. यह ऋषिकेश से करीब 25 किलोमीटर दूर गंगा नदी के किनारे है. यह वही स्थान है जहां महर्षि वशिष्ठ ने कठोर तपस्या की थी. इसके अलावा बिना जानकी सेतु के दर्शन किये ऋषिकेश यात्रा अधूरी है. ऋषिकेश में बने दो प्रमुख पुलों – लक्ष्मण झूला और राम झूला के बाद टूरिस्ट जानकी सेतु देखने जरूर जाते हैं.

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