Surajkund Mela 2025: विश्व प्रसिद्ध सूरजकुंड मेले का आयोजन हर साल होता है. इस साल भी सूरजकुंड मेला लगेगा. यह भारत का सबसे बड़ा हस्तशिल्प मेला है. टूरिस्टों को भी बेसब्री से सूरजकुंड अंतराष्ट्रीय शिल्प मेला 2025 के आयोजन का इंतजार है. सूरजकुंड मेला फरीदाबाद में लगता है. देश और विदेश से टूरिस्ट इस मेले में आते हैं और यहां से खरीदारी भी करते हैं. मेले में शिल्पकार, कलाकार और हथकरघा बुनकरों की दुकाने लगी होती हैं जहां आपको हस्तशिल्प उत्पाद देखने को मिलते हैं. इस मेले का आयोजन हर साल फरवरी में होता है और फरवरी की शुरुआत हो चुकी है.
इस साल सूरजकुंड मेला 7 फरवरी से शुरू होगा और यह मेला 23 फरवरी तक चलेगा. इस दौरान आप इस मेले को घूमने के लिए जा सकते हैं. सूरजकुंड मेले में वीकएंड में काफी भीड़ होती है. मेले में टूरिस्टों को भारतीय संस्कृति की विरासत देखने को मिलती है और दूर-दराज क्षेत्रों से आए कलाकारों और कुटीर उद्योग करने वालों के हस्तशिल्प चीजें खरीदने को मिलती हैं. इसके अलावा इस मेले में विभिन्न सांस्कृतिक आयोजन भी होते हैं.
आप यहां घर सजाने की चीजें, कपड़े और साज-सामान की अन्य चीजें खरीद सकते हैं. सूरजपुर मेले का आकर्षण शिल्प से लेकर नृत्य और फूड तक सबकुछ होता है. यहां हर दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है. टूरिस्ट इस मेले में स्वादिष्ट खाने का भी आनंद ले सकते हैं. आपको यहां मंच पर प्रस्तुतियां देते हुए कई कलाकार मिल जाएंगे. यह मेला साल 1987 से लगता आ रहा है. इस मेले के लिए टूरिस्टों को टिकट लेना होता है. इस मेले की टिकट आम दिनों में 120 रुपये और वीकेंड पर 180 रुपये है. टूरिस्ट ऑनलाइन और ऑफलाइन मेले की टिकट ले सकते हैं. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की सारथी ऐप से भी टिकट खरीदी जा सकती है. यह मेला सुबह 10 बजे से रात 7 बजे लगता है.
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