This 122 Years Old Shiv Temple Where Skin Diseases Are Cured By Offering Broom You Should Also Visit It
122 साल पुराना ऐसा शिव मंदिर जहां झाड़ू चढ़ाने से दूर होता है चर्म रोग, आप भी कर आइये दर्शन
इस शिव मंदिर में दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं. शिव मंदिर 122 साल पुराना है और इसकी बेहद मान्यता है. आपने नहीं देखा है तो आप भी दर्शन करके आ सकते हैं.
एक ऐसा शिव मंदिर है जहां झाड़ू चढ़ाने से चर्म रोग दूर होता है. इस शिव मंदिर की बेहद मान्यता है. यह शिव मंदिर काफी पुराना है और उत्तर प्रदेश के संभल में है. यह शिव मंदिर 122 साल पुराना है और आस्था का केंद्र है. सावन में इस शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ जुटती है. इस शिव मंदिर के चमत्कार की कई कहानियां प्रचलित हैं. आइए इस शिव मंदिर के बारे में जानते हैं.
पातालेश्वर है इस शिव मंदिर का नाम
पातालेश्वर महादेव शिव मंदिर में श्रद्धालु भोलेनाथ को झाड़ू चढ़ाते हैं. यह शिव मंदिर संभल के बहजोई नगर से सात किलोमीटर दूर सादातबाड़ी में है. मंदिर पिछले 122 साल से श्रद्धालुओं के बीच श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है. ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में झाडू चढ़ाने से चर्म रोग दूर होते हैं और मंदिर में दर्शन से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
1902 में स्थापित हुआ था यह मंदिर
पातालेश्वर महादेव शिव मंदिर की स्थापना 1902 में हुई थी. इस मंदिर में साल में दो बार मेला भी लगता है. इस मंदिर परिसर के पास ही पशुपतिनाथ मंदिर की तरह ही दिखने वाला एक अन्य मंदिर भी स्थापित है जिसमें पांच सौ एक शिवलिंग हैं. मंदिर को लेकर भोलेनाथ के स्वप्न में आने की कहानी प्रचलित है.
भक्त को भगवान शिव ने स्वप्न में दिया दर्शन
ऐसी कहानी है कि बहजोई के जमींदार साहू भिखारीदास को भगवान शिव ने स्वप्न में दर्शन दिया. भगवान शिव ने स्वप्न में जमींदार को वहां होने के बारे में बताया. इसके बाद जमीदार ने इस जगह को खोजा और उन्हें वहां एक पत्थर दिखाई दिया. इसके बाद उस जगह की खुदाई की गई और उस पत्थर का कोई अंत नहीं मिला. जब खुदाई करते-करते पानी निकलने लगा तो जमीदार उसे देखने के लिए गया तो उसकी आंखों की रौशनी चली गईं. कहा जाता है कि इसके बाद जमीदार और उसके पिता ने वहां शिव मंदिर बनाया तब जाकर उनकी आंखें ठीक हुई.
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