तिब्बत-नेपाल की सीमा पर बसा है उत्तराखंड का ये सुंदर गांव, चारों तरफ दिखते हैं बर्फ से ढके पहाड़

बर्फ से ढके ऊंचे-ऊंचे पहाड़, घने जंगल और झील-झरने इस गांव की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं. गुंजी गांव अपनी खूबसूरती के साथ-साथ शांत वातावरण के लिए भी जाना जाता है. यह गांव कैलास-मानसरोवर की यात्रा के बीच में पड़ता है.

Written by: Lalit Fulara Edited by: Lalit Fulara
Updated: February 2, 2025, 1:36 PM IST

Uttarakhand Gunji Hill station: उत्तराखंड में टूरिस्टों के घूमने के लिए कई सारे हिल स्टेशन हैं. ये हिल स्टेशन टूरिस्टों को अपनी ओर अट्रैक्ट करते हैं और यहां के नजारे स्वर्ग से कम नहीं है. ऐसा ही एक हिल स्टेशन है जो नेपाल और तिब्बत की सीमा पर है और जहां बर्फ से ढके पहाड़ देखने को मिलते हैं. इस हिल स्टेशन के चारों तरफ बर्फ से ढके पहाड़ और प्रकृति देखने को मिलेगी. यह हिल स्टेशन नैनीताल, मसूरी, ऋषिकेश, औली और मुनस्यारी से भी सुंदर है. आइए इस हिल स्टेशन के बारे में जानते हैं.

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बेहद सुंदर गांव है गुंजी, विदेशों से भी आते हैं टूरिस्ट

यह हिल स्टेशन गुंजी है. यह उत्तराखंड में मौजूद चर्चित जगहों में से एक है. यह गांव अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है. गुंजी गांव उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में है. नैनीताल से इस गांव की दूरी करीब 161 किमी, मुनस्यारी से करीब 60 किमी और धारचूला से करीब 48 किमी है. यह गांव समुद्र तल से करीब 10 हजार से भी अधिक फीट की ऊंचाई पर है.

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बर्फ से ढके ऊंचे-ऊंचे पहाड़, घने जंगल और झील-झरने इस गांव की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं. गुंजी गांव अपनी खूबसूरती के साथ-साथ शांत वातावरण के लिए भी जाना जाता है. यह गांव कैलास-मानसरोवर की यात्रा के बीच में पड़ता है. गुंजी गांव का वातावरण और प्रकृति टूरिस्टों को अपनी ओर आकर्षित करती है. गुंजी गांव के आसपास में ऐसी कई शानदार और खूबसूरत जगहें मौजूद हैं, जिन्हें आप एक्सप्लोर कर सकते हैं. कुथी घाटी गुंजी गांव के पास में ही स्थित है. आप यहां भी जा सकते हैं.

महर्षि वेदव्यास की तपोभूमि है गुंजी गांव

गुंजी गांव हिमालयी क्षेत्र के काफी नजदीक बसा है. इस इलाके को महर्षि वेदव्यास की तपोभूमि माना जाता है. इस कारण इस इलाके को व्यास वैली नाम भी मिला हुआ है. इस इलाके में ही ओम पर्वत, आदि कैलाश जैसे धार्मिक पर्वत शिखर मौजूद हैं.

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