ये है भारत की फेमस बावड़ी, दुनियाभर से देखने आते हैं टूरिस्ट

Written By: Lalit Fulara Updated by: Lalit Fulara
Updated Date:May 5, 2025 10:05 AM IST

कुएं के निचले स्तर पर एक गर्भगृह है जिसमें मूल रूप से एक शिवलिंग था. इस बावड़ी के निर्माण के पीछे मुख्य कारण जल प्रबंधन था, क्योंकि इस क्षेत्र में बहुत कम वर्षा होती थी.

ये भारत की फेमस बावड़ी है, जिसे देखने के लिए दुनियाभर से टूरिस्ट आते हैं. इस बावड़ी का नाम है रानी की वाव. यह बावड़ी गुजरात राज्य के पाटन में है, और दुनियाभर में फेमस है. इस सीढ़ीदार कुएं को देखकर आपका भी दिमाग चकरा जाएगा. रानी की वाव एक उल्टा मंदिर है, जो जमीन में सात मंजिल नीचे तक जाता है और 64 मीटर से अधिक लंबा है.

Advertising
Advertising

कुएं के निचले स्तर पर एक गर्भगृह है जिसमें मूल रूप से एक शिवलिंग था. इस बावड़ी के निर्माण के पीछे मुख्य कारण जल प्रबंधन था, क्योंकि इस क्षेत्र में बहुत कम वर्षा होती थी.

इसे भी पढ़ें-Kaziranga National Park: 19 मई से बंद होगी जीप सफारी, बेहद सुंदर है ये नेशनल पार्क

इस बावड़ी को रानी उदयमती ने अपने पति, सोलंकी वंश के राजा भीम प्रथम की प्रेमपूर्ण स्मृति में बनवाया था. रानी की वाव सरस्वती नदी के किनारे पर बनी है और देखने में बेहद ही सुंदर है. इस प्रसिद्ध बावड़ी को 100 रुपए के नोट पर दर्शाया गया है. रानी की वाव गुजरात के पाटन जिले में सरस्वती नदी के किनारे है. कहा जाता है इसे 11वीं शताब्दी में बनवाया गया था. सरस्वती नदी के तट पर इसे सात तलों में बनाया गया है. इसकी लंबाई 64 मीटर है और चौड़ाई 20 मीटर है. जबकि रानी की वाव की गहराई 27 मीटर है. इसके साथ ही इस वाव में 30 किलो मीटर लंबी एक रहस्यमयी सुंरग होने का भी दावा किया जाता है.

इस बावड़ी को एक राजा की याद में बनाया गया था. इसे 1063 में सोलंकी राजवंश की रानी उदयमाती ने अपने स्वर्गवासी पति राजा भीमदेव की याद में बनवाया था.  बावड़ी की अंदरूनी दीवारों पर 800 से ज्यादा मूर्तियां बनाई गई हैं. इनमें ज्यादातर मूर्तियां भगवान विष्णु की हैं. इसके अलावा अप्सराओं और ऋषियों की भी मूर्तियां रानी की वाव की दीवारों पर आपको दिख जाएंगी.

Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें