नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या में भगवान राम की 221 मीटर ऊंची प्रतिमा स्थापित किए जाने का फैसला किया है. यह प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी. आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार देर रात लखनऊ में बताया कि अयोध्या में भगवान राम की कुल 221 मीटर ऊंचाई वाली प्रतिमा स्थापित की जाएगी. इसके लिए चुनी गई पांच वास्तु फर्मों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुतीकरण दिया. सूत्रों के मुताबिक इस योजना में भगवान राम की 151 मीटर ऊंची मूर्ति के साथ साथ उस प्रतिमा के ऊपर 20 मीटर ऊंचा छत्र और नीचे कुल 50 मीटर का आधार होगा. इस तरह मूर्ति की कुल ऊंचाई 221 मीटर संभावित है.

यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में गुजरात में सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का अनावरण किया था. यह इस वक्त दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है. उन्होंने बताया कि 50 मीटर ऊंचे आधार के अंदर ही भव्य एवं आधुनिक संग्रहालय बनाया जायेगा जिसमें सप्तपुरीयों में अयोध्या के इतिहास, इक्ष्वाकु वंश के इतिहास में राजा मनु से लेकर राम जन्मभूमि तक का इतिहास, भगवान विष्णु के सभी अवतारों के विवरण सहित भारत के सनातन धर्म के विषय में आधुनिक तकनीक पर प्रदर्शन की व्यवस्था की जाएगी. इस योजना के लिए उपयुक्त भूमि का चयन, मिट्टी का परीक्षण तथा अन्य कार्य कराए जा रहे हैं.

भगवान राम की प्रतिमा बनाने की बात ऐसे समय में चल रही है जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर मुद्दा गरमाया हुआ है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे बीजेपी को उसका वादा याद दिलाने के लिए अयोध्या में कार्यक्रम कर रहे हैं वहीं विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) की धर्म सभा भी आयोजित हो रही है. बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने राममंदिर मुद्दे को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि भगवान राम की बातें करने वालों ने केंद्र और उत्तर प्रदेश में सत्ता में रहने के बावजूद अयोध्या में उन्हें ‘वनवास’ में रखा. शिवसेना ने अपनी मांग दोहरायी कि राममंदिर निर्माण के लिए 2019 से पहले एक अध्यादेश लाया जाए.