लखनऊ: विवादित बाबरी ढांचा ढहाए जाने की 26वीं बरसी पर आज यानी छह दिसंबर को अयोध्या में एक बार फिर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. इस मौके पर हर साल परंपरागत रस्मी आयोजन होते रहे हैं. इसके अलावा मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान, ईदगाह परिसर की सुरक्षा को लेकर पूरे तंत्र को चाक-चैबंद रहने के लिए कहा गया है.

बता दें कि वर्ष 1992 में हुई विध्वंस की घटना के बाद हर साल 6 दिसंबर को विहिप की ओर से शौर्य दिवस और कुछ मुस्लिम संगठनों की ओर से ‘यौमे गम’ का आयोजन रस्मी तौर पर किया जाता रहा है. बीते 24 नवंबर को अयोध्या में शिवसेना ने सम्मान समारोह एवं आशीर्वादोत्सव एवं 25 नवंबर को विहिप ने धर्मसभा का आयोजन किया था. इन दोनों आयोजनों के लिए शासन ने अयोध्या में फुलप्रूफ सुरक्षा के इंतजाम कराए थे. सचिव स्तर के आईएएस अधिकारी एमपी अग्रवाल और एडीजी स्तर के पुलिस अधिकारी आशुतोष पांडेय ने निगरानी के लिए अयोध्या में कैम्प किया. साथ ही पुलिस, पीएसी, एटीएस कमांडो और आरएएफ के जवानों को तैनात कर दोनों आयोजन निर्विघ्न सम्पन्न कराए गए.

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संवेदनशील स्‍थानों पर पुलिस मुस्‍तैद
अब डीजीपी मुख्यालय 6 दिसंबर को होने वाले रस्मी आयोजनों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और अराजक तत्वों को कोई भी गैर जिम्मेदाराना हरकत न करने देने की कार्ययोजना तैयार कर रहा है. पूर्व के वर्षों के अनुभवों के आधार पर 6 दिसंबर के लिहाज से अयोध्या के संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया गया है. अधिग्रहीत परिसर पहले से ही अत्यधिक सुरक्षा क्षेत्र में है. इसे रेड जोन में रखा गया है. इस जोन में सामान्य दिनों में भी काफी फोर्स रहती है. परिसर के आंतरिक क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान मोर्चा संभाले रहते हैं. जिले के एसएसपी को मांग के मुताबिक फोर्स उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है.

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बाबरी बरसी के मद्देनजर मथुरा में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
उत्तर प्रदेश के तीन अतिसंवेदनशील धर्मस्थलों में से एक अयोध्या स्थित बाबरी ढांचा ढहाए जाने की 26वीं बरसी पर मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान, ईदगाह परिसर की सुरक्षा को लेकर पूरे तंत्र को चाक-चैबंद रहने के लिए कहा गया है. जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने आज स्वयं महानगर के सभी प्रमुख बाजारों एवं धर्मस्थलों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. दोनों अधिकारियों ने कोतवाली पहुंचकर सर्वाधिक व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों के बारे में जानकारी प्राप्त की. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि जनपद में फिलहाल पूर्ण रूप से शांति है लेकिन ऐहतियात में कोई कमी न होने देने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि सभी सार्वजनिक स्थानों सहित भीड़-भाड़ वाले इलाकों में हर प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.