गोरखपुरः भारत में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इस वायरस की वजह से देश में अब तक 870 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. हर कोई कोरोना के साए में है और इससे बचने के उपाए तलाश रहा है. उत्तर प्रदेश में भी लॉकडाउन के बावजूद कोरोना वायरस थमने का नाम नहीं ले रहा है इस बीच राज्य से एक राहत देने वाली और चेहरे पर मुस्कान लाने वाली खबर सामने आई है. Also Read - बिहार में Coronavirus के 133 नए मामले, बढ़कर कुल 2870 हुए, पढ़े जिलेवार डिटेल

उत्तर प्रदेश में दो सप्ताह पहले कोरोनोवायरस पॉजिटिव आया तीन महीने का एक बच्चा अब ठीक होकर अपने घर चला गया है. बच्चे और उसकी मां दोनों का गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था. यह छोटा सा बच्चा बस्ती के उस कोरोना रोगी का रिश्तेदार है जिसकी कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी, यह कोविड-19 से बस्ती की पहली मौत थी. Also Read - ब्रिटेन में पीएम के मुख्‍य सलाहकार ने किया था लॉकडाउन का उल्लंघन, उप मंत्री ने दिया इस्तीफा

यह 30 वर्षीय मां अपने बच्चे के साथ 12 अप्रैल को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पहुंची थी, इन दोनों का दो बार परीक्षण किया गया था. जिसमें मां का परीक्षण निगेटिव और बच्चे का परीक्षण पॉजिटिव आया था. Also Read - कोरोना मामले पर स्वास्थ्य मंत्रालय का बयान- प्रतिबंधों में ढील के कारण 5 राज्यों में बढ़ें संक्रमण के मामले

बीआरडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा, “डॉक्टरों के लिए बड़ी चुनौती मां को संक्रमण से बचाने की थी. शिशु को आइसोलेशन वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया था और वहां उसकी मां ने सभी जरूरी सावधानी बरतीं.”

उन्होंने आगे कहा, “बच्चे को बुखार के अलावा और कोई समस्या नहीं थी, जिसके लिए उसे शुरू में पेरासिटामोल दिया गया था. मां के दूध के सेवन से बढ़ी हुई आत्म-प्रतिरक्षा के कारण वह बिना किसी दवा के ठीक हो गया.”

मां और बच्चे दोनों के शनिवार और रविवार को किए गए परीक्षण निगेटिव आए थे. कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई जीतने के बाद इस मां-बेटे की जोड़ी को गोरखपुर के जिला मजिस्ट्रेट विजयेंद्र पांडियन, आयुक्त जयंत नार्लीकर और बीआरडी मेडिकल स्टाफ ने स्टैंडिंग ओवेशन दिया.