गोंडा (यूपी): गैंगरेप पीड़िता ने पुलिस की कार्य प्रणाली से निराश होकर आत्महत्या कर ली. महिला एक साल से न्याय के लिए भटक रही थी, लेकिन न्याय नहीं मिलने से वह छुब्ध हो गई. चौंकाने वाली बात ये है कि महिला इससे पहले उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास के सामने सुसाइड की कोशिश कर चुकी थी, इसके बाद भी पुलिस ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया. आखिरकार व्यवस्था से हारी महिला ने फांसी लगाकर खुद को खत्म कर लिया. महिला द्वारा सुसाइड के बाद दो पुलिस निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है.

गैंगरेप के बाद महिला को जलाकर मारने वालों में से दो अरेस्ट, इसलिए ली थी जान

35 वर्षीय महिला गोंडा के कर्नलगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली थी. परिजन के मुताबिक महिला का पति कामकाज के सिलसिले में हरियाणा में रहता था. उसके गांव के ही रहने वाले दो सगे भाइयों श्याम कुमार और शंकर दयाल ने खुद को तांत्रिक विद्या का जानकार बताते हुए महिला को उसके पति का हरियाणा में ही एक अन्य महिला के साथ अवैध संबंध होने की जानकारी दी थी. साथ ही पति को उस महिला के मोहपाश से मुक्त कराने का उपाय भी बताया था. आरोप है कि इसी का झांसा देकर श्याम और शंकर ने उसके साथ सात फरवरी 2018 को दुष्कर्म किया. वारदात का वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए उन्होंने पीड़िता के साथ बाद में कई बार बलात्कार किया. बाद में महिला ने सात अगस्त को स्थानीय थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म तथा जान से मारने की धमकी के आरोप में प्रकरण दर्ज कराया था.

गैंगरेप पीड़िता बन सुसाइड करने पहुंची प्रॉपर्टी डीलर, एक ‘ऑडियो’ ने उसे ही करा दिया अरेस्ट

परिजन का कहना है कि मामले की विवेचना करने वाले कर्नलगंज थाने के निरीक्षक (अपराध) अजीत प्रताप सिंह ने मामले की ठीक से जांच किये बगैर अंतिम रिपोर्ट न्यायालय दाखिल कर दी. महिला के अनुरोध पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह ने अपराध शाखा के निरीक्षक परमानंद तिवारी से इसकी दोबारा विवेचना कराई. उन्होंने भी साक्ष्यों का अभाव बताकर मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगा दी. इस बीच न्याय ना मिलने से आहत पीड़िता ने पिछले साल 15 सितम्बर को लखनऊ में विधानभवन के सामने धरना दिया था. साथ ही मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास भी किया था. मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने उसे रोकते हुए और न्याय दिलाने का आश्वासन देकर गोण्डा भेज दिया था.

गैंगरेप पीड़ित है 16 साल की लड़की, इसलिए स्कूल ने एडमिशन लेने से किया इनकार

परिजन के मुताबिक पुलिस की लापरवाही पूर्ण कार्रवाई से क्षुब्ध होकर महिला ने सोमवार रात अपने घर की छत में लगे हुक के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह ने बताया कि इस मामले में विवेचक अजीत प्रताप सिंह और परमानंद तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. साथ ही विवेचना में लापरवाही के कारण प्रभारी निरीक्षक वेद प्रकाश श्रीवास्तव को भी लाइन हाजिर कर दिया है. पुलिस ने शव का पंचनामा करवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.