अयोध्या: अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शनिवार को जहां एक ओर कुछ दुकानें बिना ग्राहकों के खुली रहीं, वहीं पांच हजार से अधिक भक्तों ने अब ‘विवादित स्थल’ नहीं रहे अस्थायी राम मंदिर तक यात्रा कर दर्शन किए. अयोध्या शहर में रविवार को भी प्रवेश पर प्रतिबंध रहा. पुलिस पहचान-पत्र और पूरी तलाशी लेने के बाद ही लोगों को शहर में प्रवेश की इजाजत दे रही थी. Also Read - राम मंदिर निर्माण के लिए अब तक जमा हुए 2,100 करोड़ रुपये, जारी है धन जुटाने का अभियान

हनुमान गढ़ी के पास एक टेलर की दुकान के मालिक अनुराग शुक्ला ने कहा कि चूंकि सभी सड़कें ब्लॉक हैं, इसलिए लोग आशंका के कारण बाहर नहीं आ रहे हैं. रसिक निवास मंदिर के महंत रघुवर शरण ने कहा, “सुरक्षा बलों की मौजूदगी से इतना प्रचार हुआ कि आस-पास के क्षेत्रों के लोग, जो रोजाना मंदिरों के दर्शनों के लिए शहर का दौरा करते हैं, अयोध्या आने में संकोच कर रहे हैं.” Also Read - Mulayam Singh Yadav की बहू Aparna Yadav ने राम मंदिर के लिए 11 लाख रुपए दान में दिए, फैमिली को लेकर दिया बड़ा बयान

पुलिस अभी भी हाई अलर्ट पर है. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आशुतोष पांडे और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एम. पी. अग्रवाल ने कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रविवार को क्षेत्र के चक्कर लगाए और शहर भर में तैनात अधिकारियों से बात की. Also Read - Ram Mandir Donation: Ram Temple निर्माण के लिए अब तक 1500 करोड़ रुपए से ज्‍यादा का दान मिला

अयोध्या के जिला मजिस्ट्रेट अनुज कुमार झा ने कहा कि वे अभी भी प्रत्येक प्रमुख बिंदुओं पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं, सुरक्षाकर्मी अभी भी अलर्ट पर हैं और सुरक्षा अवरोध सक्रिय हैं. उन्होंने कहा, “हमारे लिए अगली सबसे बड़ी चुनौती कार्तिक पूर्णिमा का मेला है जो सोमवार से शुरू हो रहा है और इसमें दस लाख से अधिक श्रद्धालु भाग लेंगे.”

(इनपुट आईएएनएस)