आगरा: सतह से 150 फीट गहराई, बेहद कम चौड़ाई और उसमें गिरकर नीचे फंसा 5 साल का शिवा. जहाँ से शिवा नीचे गिरा, उस जगह बेहद गहमागहमी थी. परिजन बिलख रहे थे. कई उम्मीद में थे तो कई आशंकाओं से घिरे हुए. इसी बीच आर्मी, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमें पूरे धैर्य और योजना के साथ बच्चे को निकालने की कोशिश में जुटे रहीं. ऑक्सीजन और कैमरे के साथ रस्सी नीचे डाली गई. 150 फीट गहरे बोरवेल में फंसे बच्चे से इस रस्सी को पकड़ने को कहा गया, बच्चे ने किया भी ऐसा ही. आठ घंटे की अथक मेहनत और कोशिश के बाद जो हुआ उससे सब उछल पड़े. बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.Also Read - सिक्किम सेक्टर में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हॉटलाइन स्थापित

ये घटना आगरा (ग्रामीण) के फतेहाबाद के निबोहरा थाना अंतर्गत गांव में हुई. यहाँ एक 5 साल का बच्चा खेलते-खेलते 150 फीट गहरे बोरेवेल में जा गिरा. ये बोरवेल बच्चे के पिता द्वारा ही खोदा गया था. सुबह साढ़े आठ बजे ये घटना हुई. इसके बाद जिला प्रशासन को खबर लगी. इसके तुरंत बाद पुलिस और प्रशासनिक अफसर हरकत में आ गए. Also Read - India-China के बीच 12वें राउंड की मोल्‍दो में कॉर्प्‍स कमांडर स्‍तर की वार्ता जारी, इन टकराव वाले प्‍वाइंटस पर चर्चा

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थाना प्रभारी सूरज प्रसाद ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे यह घटना बच्चे की गतिविधि का पता लगा और वह जवाब भी दे रहा था. उन्होंने कहा, ‘‘घटना के बारे में पुलिस को सूचना मिलने के बाद बचाव अभियान चलाया जा गया.’’

इसके बाद यहाँ आर्मी, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमें जुट गईं. इन सभी को इस तरह की घटनाओं से निपटने का अनुभव था. एक साथ कई प्लान पर काम किया गया. एक सुरंग बनाई जानी शुरू की गई, ताकि विपरीत परिस्थिति में बच्चे तक पहुंचा जा सके. साथ ही बच्चे को बोरवेल से ही खींचने की योजना बनाई गई. पहले कंटीला तार डाला गया, ये सोच कर कि बच्चे के कपड़े इसमें फंस जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

बचाव में लगी टीमें ऑक्सीजन, कैमरा पहले ही गड्ढे में डाल चुकी थीं. फिर रस्सी फंदा बनाकर डाली गई. बच्चे से संपर्क कर इसे पकड़ने को कहा गया. बच्चे ने भी ज़बरदस्त सूझबूझ दिखाई और रस्सी को पकड़ लिया. इसके बाद धीरे-धीरे बच्चे को बाहर खींच लिया गया. इस तरह बच्चे को एकदम सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. ये पूरी कवायद आठ घंटे तक चली. अधिकारियों के अनुसार, मौके पर डॉक्टर्स की टीम भी मौजूद रही. बच्चे को फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बच्चा एकदम सुरक्षित है.